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एक माह बीता पर पुस्तकों और ड्रेस का नहीं मिला पैसा
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अल्मोड़ा। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह बीत गया है, पर समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को पुस्तकें और ड्रेस खरीदने के लिए सरकार की ओर से दी जाने वाली धनराशि अब तक नहीं मिली है। जिस कारण अभिभावक अपने बच्चों के लिए स्वयं पुस्तकें और ड्रेस खरीदने को मजबूर हैं।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए धनराशि दी जाती है। जिले में प्राथमिक कक्षाओं में करीब 23 हजार और जूनियर कक्षाओं में 21 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं।
प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पुस्तकें क्रय करने के लिए 250 रुपये और जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों को 400 रुपये सरकार देती है। ड्रेस खरीदने के लिए कक्षा एक से आठवीं तक की सभी बालिकाओं, बीपीएल परिवार के बालक और अनुसूचित जाति के बालकों को छह-छह सौ रुपये की धनराशि मिलती है। शिक्षा विभाग यह राशि संबंधित विद्यार्थियों के बैंक खाते में अवमुक्त करता है।
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एक माह बीत गया है पर अब तक धनराशि बच्चों के खातों में अवमुक्त नहीं हो सकी है। इधर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा आरएस यादव ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है। धनराशि मिलने पर बच्चों को भुगतान की जा सकेगी।
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समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए धनराशि दी जाती है। जिले में प्राथमिक कक्षाओं में करीब 23 हजार और जूनियर कक्षाओं में 21 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं।
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प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को पुस्तकें क्रय करने के लिए 250 रुपये और जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों को 400 रुपये सरकार देती है। ड्रेस खरीदने के लिए कक्षा एक से आठवीं तक की सभी बालिकाओं, बीपीएल परिवार के बालक और अनुसूचित जाति के बालकों को छह-छह सौ रुपये की धनराशि मिलती है। शिक्षा विभाग यह राशि संबंधित विद्यार्थियों के बैंक खाते में अवमुक्त करता है।
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एक माह बीत गया है पर अब तक धनराशि बच्चों के खातों में अवमुक्त नहीं हो सकी है। इधर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा आरएस यादव ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है। धनराशि मिलने पर बच्चों को भुगतान की जा सकेगी।