{"_id":"5ca4ef5dbdec221469616dc5","slug":"131554313053-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में 290 एंटी रेबीज इंजेक्शन पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में 290 एंटी रेबीज इंजेक्शन पहुंचे
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन आ गए हैं। पिछले दिनों इंजेक्शनों की कमी चल रही थी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने हल्द्वानी से 290 एंटी रेबीज इंजेक्शन मंगाए थे। मालूम हो नगर में कटखने बंदर और लावारिस कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। एक अप्रैल से अब तक तीन दिन के भीतर 17 लोगों को बंदर और कुत्ते काट चुके हैं।
नगर में बंदर लगातार लोगों पर हमलावर हो रहे हैं। बंदरों के काटने के मार्च में 30 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अप्रैल में तीन दिन के भीतर बंदरों ने तीन लोगों को काटकर घायल किया है। इसके अलावा कुत्तों के काटने के भी कई मामले सामने आए हैं।
मार्च में जिले में कुत्ते 170 लोगों को काट चुके हैं। वहीं अप्रैल में तीन दिन के भीतर कुत्तों ने 14 लोगों को काटकर घायल कर दिया है। अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन कम होने की खबर पांच दिन पूर्व अमर उजाला में छपी थी। जिला अस्पताल के स्टोर दवा प्रभारी बीडी साह ने बताया कि लगातार बंदर, कुत्तों के काटे हुए लोगों के अस्पताल पहुंचने के कारण पिछले दिनों एंटी रेबीज इंजेक्शन कम हो गए थे। लेकिन अब व्यवस्था कर ली गई है।
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नगर में बंदर लगातार लोगों पर हमलावर हो रहे हैं। बंदरों के काटने के मार्च में 30 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अप्रैल में तीन दिन के भीतर बंदरों ने तीन लोगों को काटकर घायल किया है। इसके अलावा कुत्तों के काटने के भी कई मामले सामने आए हैं।
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मार्च में जिले में कुत्ते 170 लोगों को काट चुके हैं। वहीं अप्रैल में तीन दिन के भीतर कुत्तों ने 14 लोगों को काटकर घायल कर दिया है। अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन कम होने की खबर पांच दिन पूर्व अमर उजाला में छपी थी। जिला अस्पताल के स्टोर दवा प्रभारी बीडी साह ने बताया कि लगातार बंदर, कुत्तों के काटे हुए लोगों के अस्पताल पहुंचने के कारण पिछले दिनों एंटी रेबीज इंजेक्शन कम हो गए थे। लेकिन अब व्यवस्था कर ली गई है।
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