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क्षतिग्रस्त 22 पेयजल योजनाएं नहीं हो सकी दुरुस्त
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:14 PM IST
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अल्मोड़ा। बजट के अभाव में जिले के ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त करीब 22 पेयजल योजनाएं अब तक ठीक नहीं हो पाई हैं। इस कारण जाड़े के सीजन में भी ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि विभाग ने किसी तरह इन योजनाओं को काम चलाऊ बना रखा है पर लीकेज और आए दिन पाइप लाइन टूटने से पेयजल संकट गहराना आम है।
जिले में जल संस्थान के अल्मोड़ा, रानीखेत और सल्ट डिवीजन हैं। तीनों डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। पिछली बरसात में तीनों डिवीजनों में क्षतिग्रस्त 22 पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। इस कारण इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
लोग दूर दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोत नौलों से पानी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। वहीं मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे लोगों में सरकार, प्रशासन और विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
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जिले में जल संस्थान के अल्मोड़ा, रानीखेत और सल्ट डिवीजन हैं। तीनों डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। पिछली बरसात में तीनों डिवीजनों में क्षतिग्रस्त 22 पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। इस कारण इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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लोग दूर दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोत नौलों से पानी लाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। वहीं मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे लोगों में सरकार, प्रशासन और विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
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