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क्षतिग्रस्त 44 पेयजल योजनाएं नहीं हो सकी दुरुस्त
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:45 PM IST
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अल्मोड़ा। गरमी का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त 44 पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। इन योजनाओं को ठीक करने के लिए 61.56 लाख रुपये की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान को 25 योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए 30.90 लाख रुपये ही मिले हैं। जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने की आसार हैं।
जिले में जल संस्थान के तीन डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। अल्मोड़ा डिवीजन के अंतर्गत 308 पेयजल योजनाएं हैं। इनमें से आपदा से 26 योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। चार योजनाओं को विभागीय संसाधनों से ठीक कर दिया गया। पर 22 योजनाएं ठीक नहीं की जा सकी हैं। वहीं रानीखेत डिवीजन में 246 योजनओं में से 14 पेयजल योनजाएं क्षतिग्रस्त थीं।
दो योजनाएं विभागीय संसाधनों से ठीक की गईं पर 12 योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं। जबकि सल्ट डिवीजन में 80 योजनाओं में से आपदा से 10 योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं। हालांकि विभाग और ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त योजनाओं को किसी तरह कामचलाऊ बना रखा है पर लीकेज की समस्या बनी हुई है। गरमी बढ़ने, जल स्तर गिरने और पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट बना हुआ है।
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विभाग ने क्षतिग्रस्त चल रही 44 योजनाएं की मरम्मत के लिए 61.56 लाख रुपये का आंगणन भेजा था, पर इनमें से अल्मोड़ा डिवीजन की 16, रानीखेत की पांच और सल्ट की चार क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं (कुल 25 योजनाएं) की मरम्मत के लिए ही 30.90 लाख रुपये विभाग को मिले हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि उपलब्ध बजट से योजनाओं के सुधारीकरण का काम किया जा रहा है।
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जिले में जल संस्थान के तीन डिवीजनों में कुल 635 पेयजल योजनाएं हैं। अल्मोड़ा डिवीजन के अंतर्गत 308 पेयजल योजनाएं हैं। इनमें से आपदा से 26 योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। चार योजनाओं को विभागीय संसाधनों से ठीक कर दिया गया। पर 22 योजनाएं ठीक नहीं की जा सकी हैं। वहीं रानीखेत डिवीजन में 246 योजनओं में से 14 पेयजल योनजाएं क्षतिग्रस्त थीं।
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दो योजनाएं विभागीय संसाधनों से ठीक की गईं पर 12 योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं। जबकि सल्ट डिवीजन में 80 योजनाओं में से आपदा से 10 योजनाएं क्षतिग्रस्त हैं। हालांकि विभाग और ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त योजनाओं को किसी तरह कामचलाऊ बना रखा है पर लीकेज की समस्या बनी हुई है। गरमी बढ़ने, जल स्तर गिरने और पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट बना हुआ है।
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विभाग ने क्षतिग्रस्त चल रही 44 योजनाएं की मरम्मत के लिए 61.56 लाख रुपये का आंगणन भेजा था, पर इनमें से अल्मोड़ा डिवीजन की 16, रानीखेत की पांच और सल्ट की चार क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं (कुल 25 योजनाएं) की मरम्मत के लिए ही 30.90 लाख रुपये विभाग को मिले हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि उपलब्ध बजट से योजनाओं के सुधारीकरण का काम किया जा रहा है।