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तेंदुए ने दिन दहाड़े दुधारू गाय मार डाली
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:13 PM IST
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जैंती (अल्मोड़ा)। जैंती तहसील के पनारघाटी से लगे कई गांवों में तेंदुए का आतंक बढ़ गया है। बृहस्पतिवार को दिन दहाड़े तेंदुए ने बचकांडे गांव में दुधारू गाय को मार डाला। एक पखवाड़े के भीतर तीन दर्जन से अधिक मवेशियों को तेंदुआ मार चुका है।
बचकांडे गांव निवासी मोहन राम पुत्र लछी राम की दुधारू गाय पास के खेत में घास चर रही थी। सायं तीन बजे घात लगाए तेंदुए ने गाय को मार डाला।
इसी दौरान ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ मारी गई गाय को वही पर छोड़ कर भाग निकला। दिन दहाडे हुई घटना से गांव में दहशत बनी हुई है। मोहन राम ने बताया कि गाय की कीमत करीब 30 हजार रुपये से अधिक है।
हाल में ही तेंदुए ने तल्ला बिनौला निवासी दयाल सिंह पुत्र जीत सिंह की दो बकरियां, मल्ला बिनौला निवासी चंपा देवी का बैल, ल्वाली निवासी पान सिंह की बकरी समेत एक पखवाड़े के भीतर तीन दर्जन से अधिक मवेशियों को मार डाला है।
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दिन दहाड़े तेंदुए के गांव में घुसने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। तेंदुए के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। महिलाएं घास और लकड़ी लेने अकेले जंगल नहीं जा रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य हयात सिंह धौनी ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।
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बचकांडे गांव निवासी मोहन राम पुत्र लछी राम की दुधारू गाय पास के खेत में घास चर रही थी। सायं तीन बजे घात लगाए तेंदुए ने गाय को मार डाला।
इसी दौरान ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ मारी गई गाय को वही पर छोड़ कर भाग निकला। दिन दहाडे हुई घटना से गांव में दहशत बनी हुई है। मोहन राम ने बताया कि गाय की कीमत करीब 30 हजार रुपये से अधिक है।
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हाल में ही तेंदुए ने तल्ला बिनौला निवासी दयाल सिंह पुत्र जीत सिंह की दो बकरियां, मल्ला बिनौला निवासी चंपा देवी का बैल, ल्वाली निवासी पान सिंह की बकरी समेत एक पखवाड़े के भीतर तीन दर्जन से अधिक मवेशियों को मार डाला है।
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दिन दहाड़े तेंदुए के गांव में घुसने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। तेंदुए के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। महिलाएं घास और लकड़ी लेने अकेले जंगल नहीं जा रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्य हयात सिंह धौनी ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।