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अधिकारियों पर तय समय में जांच पूरी करने का दबाव
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:22 PM IST
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अल्मोड़ा। चीड़ के पेड़ की तस्करी मामले में वन डिवीजनों की जांच से जहां पूरे वन विभाग में खलबली है वहीं मामले की जांच कर रही तीन मुख्य वन संरक्षकों की कमेटी पर भी समय पर काम पूरा करने का दबाव बना हुआ है। क्योंकि चंपावत वन प्रभाग में छिलका गुलिया की गई निकासी की जांच कर रहे वन संरक्षक ने डेढ़ माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रमुख वन संरक्षक को भेज दी है। अब शासन को कुमाऊं के दो जिलों के तीन डिवीजनों की जांच कर रहे तीन बड़े अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार है।
दो सितंबर को टनकपुर पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा एक ट्रक में गुलिया के बजाय अवैध रूप से चीड़ के लकड़ी और फर्रों की तस्करी का मामला सामने आने के बाद प्रमुख वन संरक्षक ने 23 सितंबर को वन संरक्षक, अनुसंधान हल्द्वानी वृत्त संजीव चतुर्वेदी को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कार्य के प्रति काफी संजीदा रहने वाले संजीव चतुर्वेदी ने डेढ़ माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रमुख वन संरक्षक को भेज दी। अब कुमाऊं में अल्मोड़ा के दो और बागेश्वर के एक डिवीजन की जांच पर भी काम जल्द पूरा करने का दबाव बना हुआ है। प्रमुख वन संरक्षक ने मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी, बीपी गुप्ता और विवेक पांडे को इस उम्मीद के साथ जांच सौंपी है कि वह सही तथ्यों के साथ जांच कम से कम समय में पूरी कर सौंपेंगे। लिहाजा तीनों अधिकारियों की तरफ से तेजी से गोपनीय जांच की जा रही है।
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दो सितंबर को टनकपुर पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा एक ट्रक में गुलिया के बजाय अवैध रूप से चीड़ के लकड़ी और फर्रों की तस्करी का मामला सामने आने के बाद प्रमुख वन संरक्षक ने 23 सितंबर को वन संरक्षक, अनुसंधान हल्द्वानी वृत्त संजीव चतुर्वेदी को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कार्य के प्रति काफी संजीदा रहने वाले संजीव चतुर्वेदी ने डेढ़ माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रमुख वन संरक्षक को भेज दी। अब कुमाऊं में अल्मोड़ा के दो और बागेश्वर के एक डिवीजन की जांच पर भी काम जल्द पूरा करने का दबाव बना हुआ है। प्रमुख वन संरक्षक ने मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी, बीपी गुप्ता और विवेक पांडे को इस उम्मीद के साथ जांच सौंपी है कि वह सही तथ्यों के साथ जांच कम से कम समय में पूरी कर सौंपेंगे। लिहाजा तीनों अधिकारियों की तरफ से तेजी से गोपनीय जांच की जा रही है।
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