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पर्यावरण संरक्षण के लिए पांच साल तक काम करेंगे भारत, चीन और नेपाल
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अल्मोड़ा। हिमालय क्षेत्र में कैलाश पर्वत के आसपास के करीब 31 हजार वर्ग किमी क्षेत्र के संरक्षण के लिए भारत,चीन और नेपाल द्वारा अंतरराष्ट्रीय संस्था आईसीमोड के तहत चल रही पवित्र कैलाश भू क्षेत्र संरक्षण एवं विकास पहल परियोजना का पहला चरण समाप्त हो जाने के बाद दूसरे चरण का काम शुरू हो चुका है। दूसरे चरण में यह परियोजना 2022 तक चलेगी। तीनों देशों ने तय किया है कि पहले चरण में पर्यावरण और जल संरक्षण, जैव विविधता और हेरिटेज टूरिज्म आदि से जुड़े जिन कार्यों के अच्छे परिणाम सामने आए हैं, उन पर कैलाश भू क्षेत्र में अगले पांच सालों तक साझा तरीके से कार्य किया जाएगा।
बता दें कि भारत, चीन और नेपाल अंतरराष्ट्रीय संस्था (आईसीमोड) के तहत 2013 से हिमालय के कैलाश भू क्षेत्र के संरक्षण के लिए आपसी सहयोग से काम कर रहे हैं। पवित्र कैलाश भू क्षेत्र संरक्षण एवं विकास पहल परियोजना के तहत अब तक तीनों देश कैलाश पर्वत के आसपास अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न तरह के अध्ययन और लोगों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस परियोजना के लिए तीनों देशों के भू क्षेत्र में कुल 31 हजार वर्ग किमी इलाके को चिन्हित किया गया है। इसमें 14 हजार वर्ग किमी क्षेत्र नेपाल में, 10 हजार वर्ग किमी चीन में और सात हजार वर्ग किमी क्षेत्र भारत में पड़ता है। आईसीमोड परियोजना में भारत की ओर से नोडल एजेंसी जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान कोसी कटारमल के निदेशक डॉ.आरएस रावल ने बताया कि पहले चरण में परियोजना का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद दूसरे चरण का काम नवंबर 2018 से शुरू हो चुका है।
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बता दें कि भारत, चीन और नेपाल अंतरराष्ट्रीय संस्था (आईसीमोड) के तहत 2013 से हिमालय के कैलाश भू क्षेत्र के संरक्षण के लिए आपसी सहयोग से काम कर रहे हैं। पवित्र कैलाश भू क्षेत्र संरक्षण एवं विकास पहल परियोजना के तहत अब तक तीनों देश कैलाश पर्वत के आसपास अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न तरह के अध्ययन और लोगों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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इस परियोजना के लिए तीनों देशों के भू क्षेत्र में कुल 31 हजार वर्ग किमी इलाके को चिन्हित किया गया है। इसमें 14 हजार वर्ग किमी क्षेत्र नेपाल में, 10 हजार वर्ग किमी चीन में और सात हजार वर्ग किमी क्षेत्र भारत में पड़ता है। आईसीमोड परियोजना में भारत की ओर से नोडल एजेंसी जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान कोसी कटारमल के निदेशक डॉ.आरएस रावल ने बताया कि पहले चरण में परियोजना का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद दूसरे चरण का काम नवंबर 2018 से शुरू हो चुका है।
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