फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   एसएसजे परिसर में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाने वाला कोई नहीं

एसएसजे परिसर में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाने वाला कोई नहीं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Dec 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
एसएसजे परिसर में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाने वाला कोई नहीं
अल्मोड़ा। कुविवि के एसएसजे कैंपस में 2014 में खुले कुमाऊंनी भाषा विभाग में शिक्षकों के पद आज तक सृजित नहीं हुए। क्षेत्रीय भाषा की दुगर्ति का आलम यह है कि वर्तमान में यहां कुमाऊंनी पढ़ाने वाला कोई भी शिक्षक नहीं है। विभाग ने मानदेय पर गेस्ट फैकल्टी के रूप में जेआरएफ के एक विद्यार्थी को रखा था, लेकिन उनका अनुबंध भी 15 नवंबर को ही खत्म हो गया। तब से भाषा विभाग में कुमाऊंनी पढ़ाने वाला कोई नहीं है। वर्तमान में भाषा विभाग में 27 विधार्थी अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन


सरकार ने पांच साल पहले एसएसजे परिसर के हिंदी विभाग में कुमाऊंनी भाषा विभाग खोला था। तब उम्मीद जगी थी कि कुमाऊंनी भाषा को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही शिक्षकों की भी नियुक्ति होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पिछले साल तक हिंदी विभाग के तीन प्रोफेसर छात्रों को शून्य वादन में निशुल्क रूप से पढ़ा रहे थे।
विज्ञापन


तीन साल पहले तक भाषा विभाग में करीब 71 छात्र-छात्राएं एकल विषय के रूप में कुमाऊंनी भाषा बगैर स्थायी शिक्षक के पढ़ रहे थे। शिक्षक नहीं होने से वर्तमान में छात्र संख्या घटकर 27 पहुंच गई है। इससे कुमाऊंनी भाषा को आगे बढ़ावा देने के सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इधर कुमाऊंनी भाषा विभाग संयोजक प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने बताया कि एक गेस्ट फैकल्टी अब तक कुमाऊंनी भाषा विषय पढ़ा रही थी, जिसका अनुबंध 15 नवंबर को खत्म हो गया। इन दिनों भाषा विभाग के विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं। इसके बाद जनवरी-फरवरी अवकाश रहेगा। फरवरी में नया सत्र शुरू होने पर गेस्ट फैकल्टी की मांग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed