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विशेष सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने चौखुटिया तहसील के ग्राम झूणंगा पोस्ट मासी निवासी आरोपी गोविंद सिंह पुत्र सूरज सिंह को धारा 8 पॉक्सो एक्ट और 354 (बी) में सात साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
27 जुलाई 2018 को एक नाबालिग स्कूल से वापस घर को आ रही थी। जब वह गांव के निकट गधेरे के पास पहुंची तो गोविंद सिंह नाबालिग को जबरन गधेरे में ले गया। नाबालिग के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह बद दिया। पीड़िता के चिल्लाने पर की आवाज गांव की एक महिला ने सुनी। वह गधेरे की ओर गई तो आरोपी गोविंद सिंह वहां से भाग गया। इसके बाद नाबालिग ने घटना की सूचना मां को दी।
पीड़िता की माता ने मामले की सूचना चौखुटिया थाने में दी। विवेचनाधिकारी ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में नौ गवाह पेश कराए।
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निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग किया। दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद मौखिक दस्तावेजी साक्ष्यों का परीशिलन किया। न्यायालय में आरोपी गोविंद सिंह पर धारा 354 (बी) और धारा 8 पॉक्सो एक्ट दोष सिद्ध हुआ।
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27 जुलाई 2018 को एक नाबालिग स्कूल से वापस घर को आ रही थी। जब वह गांव के निकट गधेरे के पास पहुंची तो गोविंद सिंह नाबालिग को जबरन गधेरे में ले गया। नाबालिग के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह बद दिया। पीड़िता के चिल्लाने पर की आवाज गांव की एक महिला ने सुनी। वह गधेरे की ओर गई तो आरोपी गोविंद सिंह वहां से भाग गया। इसके बाद नाबालिग ने घटना की सूचना मां को दी।
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पीड़िता की माता ने मामले की सूचना चौखुटिया थाने में दी। विवेचनाधिकारी ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में नौ गवाह पेश कराए।
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निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग किया। दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद मौखिक दस्तावेजी साक्ष्यों का परीशिलन किया। न्यायालय में आरोपी गोविंद सिंह पर धारा 354 (बी) और धारा 8 पॉक्सो एक्ट दोष सिद्ध हुआ।