{"_id":"59fc9a3a4f1c1bce408b46d1","slug":"121509726778-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिलान्यास के 15 साल बाद भी नहीं बनी सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिलान्यास के 15 साल बाद भी नहीं बनी सड़क
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत घुरसों-शैल-छाना-कुटगोली मोटर मार्ग का 15 साल पहले शिलान्यास हुआ था, लेकिन अभी तक यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों को आज भी पांच किमी पैदल चलकर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत घुरसों-शैल-छाना-कुटगोली मोटर मार्ग स्वीकृत है। वर्ष 2002 में तत्कालीन उद्यान और खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने सड़क का शिलान्यास किया था, लेकिन 15 साल का लंबा समय बीत जाने पर भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे हवालबाग ब्लॉक के बल्टा, भूल्यूड़ा, फलसीमा, माट गांव, जखेटा, चितई, कुटगोली, शैल, घुरसों, छाना समेत कई गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
घुरसों के सामाजिक कार्यकर्ता देवी दत्त पांडे ने बताया कि इस संबंध में कई बार सरकार के मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बल्टा, भूल्यूड़ा, फलसीमा, माट गांव, जखेटा, चितई, कुटगोली, शैल, घुरसों में सब्जी आदि का उत्पादन किया जाता है। सड़क नहीं होने से ग्रामीण उत्पादित सब्जी और अनाज का विपणन नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत घुरसों-शैल-छाना-कुटगोली मोटर मार्ग स्वीकृत है। वर्ष 2002 में तत्कालीन उद्यान और खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने सड़क का शिलान्यास किया था, लेकिन 15 साल का लंबा समय बीत जाने पर भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे हवालबाग ब्लॉक के बल्टा, भूल्यूड़ा, फलसीमा, माट गांव, जखेटा, चितई, कुटगोली, शैल, घुरसों, छाना समेत कई गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
घुरसों के सामाजिक कार्यकर्ता देवी दत्त पांडे ने बताया कि इस संबंध में कई बार सरकार के मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बल्टा, भूल्यूड़ा, फलसीमा, माट गांव, जखेटा, चितई, कुटगोली, शैल, घुरसों में सब्जी आदि का उत्पादन किया जाता है। सड़क नहीं होने से ग्रामीण उत्पादित सब्जी और अनाज का विपणन नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन