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उपपा ने लगाया राज्य की परिसंपतियां उप्र को सौंपने का आरोप
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:03 PM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे में राज्य की 75 फीसदी परिसंपतियां, कुंभ क्षेत्र की जमीन और नहरों का स्वामित्व उत्तर प्रदेश को सौंपने आरोप लगाया है और इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उपपा ने मुख्यमंत्री से वास्तविकता जनता के सामने रखने की मांग की है।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि केंद्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सरकार चलाने के बावजूद राज्य के हितों से भाजपा द्वारा किए जा रहे रहे इस खिलवाड़ को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बरेली में पत्रकारों से इस बंटवारे का खुलासा किया है पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, अधिकारी और भाजपा नेता इस मामले में चुप्पी साधे हैं। जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोरा, बैगुल, बनबसा, नानक सागर और शारदा सागर का स्वामित्व भी उत्तर प्रदेश को दे दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच हुए इस समझौते से राज्य के हितों पर गहरा कुठाराघात हुआ है। जिसे राज्य की जनता माफ नहीं कर सकती। उन्होंने समझौते को तत्काल मुख्यमंत्री से सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा है कि उपपा इस अनैतिक फैसले को स्वीकार नहीं करेगी।
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पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि केंद्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सरकार चलाने के बावजूद राज्य के हितों से भाजपा द्वारा किए जा रहे रहे इस खिलवाड़ को जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बरेली में पत्रकारों से इस बंटवारे का खुलासा किया है पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, अधिकारी और भाजपा नेता इस मामले में चुप्पी साधे हैं। जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोरा, बैगुल, बनबसा, नानक सागर और शारदा सागर का स्वामित्व भी उत्तर प्रदेश को दे दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच हुए इस समझौते से राज्य के हितों पर गहरा कुठाराघात हुआ है। जिसे राज्य की जनता माफ नहीं कर सकती। उन्होंने समझौते को तत्काल मुख्यमंत्री से सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा है कि उपपा इस अनैतिक फैसले को स्वीकार नहीं करेगी।
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