{"_id":"5bf04e5cbdec2269b44465fa","slug":"11542475356-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार की खाल के मामले में गिरफ्तार अधिवक्ता जमानत पर रिहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार की खाल के मामले में गिरफ्तार अधिवक्ता जमानत पर रिहा
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। बीते सोमवार को गुलदार की दो खालों के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजे गए अधिवक्ता दीवान सिंह को सत्र न्यायाधीश की अदालत से जमानत मिल गई है।
बता दें कि पथनिया नयाल कफड़खान निवासी दीवान सिंह को पुलिस और एसओजी की टीम ने सोमवार को गुलदार की दो खालों समेत कसारदेवी तिराहे के निकट गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दूसरा आरोपी हरीश मेहता फरार हो गया। गुलदार की खालों के साथ अधिवक्ता दीवान सिंह को गिरफ्तार करने पर अधिवक्ता भड़क गए थे। उन्होंने इस मामले में एसओजी की भूमिका पर कई सवाल उठाए थे।
बीते दिवस अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के बैनर तले जुलूस प्रदर्शन भी किया था। साथ ही इस मामले में एसओजी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। इधर शनिवार को सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा की अदालत में दीवान सिंह की जमानत की अर्जी पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने जमानत की अर्जी मंजूर कर ली। यह भी बता दें कि अधिवक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन
बता दें कि पथनिया नयाल कफड़खान निवासी दीवान सिंह को पुलिस और एसओजी की टीम ने सोमवार को गुलदार की दो खालों समेत कसारदेवी तिराहे के निकट गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दूसरा आरोपी हरीश मेहता फरार हो गया। गुलदार की खालों के साथ अधिवक्ता दीवान सिंह को गिरफ्तार करने पर अधिवक्ता भड़क गए थे। उन्होंने इस मामले में एसओजी की भूमिका पर कई सवाल उठाए थे।
बीते दिवस अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के बैनर तले जुलूस प्रदर्शन भी किया था। साथ ही इस मामले में एसओजी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। इधर शनिवार को सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा की अदालत में दीवान सिंह की जमानत की अर्जी पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने जमानत की अर्जी मंजूर कर ली। यह भी बता दें कि अधिवक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन