{"_id":"5c095eebbdec22414c644075","slug":"111544117995-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विश्व बैंक की मदद से होंगे चाय बागान विकसित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विश्व बैंक की मदद से होंगे चाय बागान विकसित
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड विश्व बैंक की मदद से प्रदेश के आठ जिलों में 500 हेक्टेयर में चाय बागान विकसित करेगा। टी-बोर्ड ने प्रदेश के आठ जिलों में भूमि भी चयनित कर ली है। उत्तराखंड शासन ने इस संबंध में 15 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। जिसमें 75 फीसदी धनराशि विश्व बैंक देगा, जबकि शेष 25 फीसदी बजट उत्तराखंड टी-बोर्ड वहन करेगा।
2004 से अब तक उत्तराखंड चाय बोर्ड द्वारा प्रदेश के पर्वतीय जिलों के 24 विकासखंडों में 1227 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय बागान विकसित किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 90 हजार किग्रा चाय उत्पादन के सापेक्ष नवंबर तक प्रदेश में 75 हजार किलो चाय का उत्पादन हुआ है।
चाय विकास बोर्ड अब विश्व बैंक की मदद से चाय विकास कार्यक्रम परियोजना के तहत राज्य के आठ पर्वतीय जिलों में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में बागान विकसित करेगा। 15 करोड़ रुपये की एक साल की इस परियोजना के तहत 500 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 75 लाख चाय के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना में खर्च होने वाली धनराशि में 75 फीसदी विश्व बैंक और 25 फीसदी टी बोर्ड वहन करेगा।
विज्ञापन
उत्तराखंड चाय बोर्ड के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर जिले में 50-50 हेक्टेयर, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी में 75-75 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय की पौध का प्लांटेशन होगा। प्लांटेशन के लिए बोर्ड ने इन जिलों में भूमि चयनित कर ली है। शासन से इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। बजट मिलने के बाद चाय बागान विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
2004 से अब तक उत्तराखंड चाय बोर्ड द्वारा प्रदेश के पर्वतीय जिलों के 24 विकासखंडों में 1227 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय बागान विकसित किया जा चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 90 हजार किग्रा चाय उत्पादन के सापेक्ष नवंबर तक प्रदेश में 75 हजार किलो चाय का उत्पादन हुआ है।
विज्ञापन
चाय विकास बोर्ड अब विश्व बैंक की मदद से चाय विकास कार्यक्रम परियोजना के तहत राज्य के आठ पर्वतीय जिलों में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में बागान विकसित करेगा। 15 करोड़ रुपये की एक साल की इस परियोजना के तहत 500 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 75 लाख चाय के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना में खर्च होने वाली धनराशि में 75 फीसदी विश्व बैंक और 25 फीसदी टी बोर्ड वहन करेगा।
विज्ञापन
उत्तराखंड चाय बोर्ड के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर जिले में 50-50 हेक्टेयर, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी में 75-75 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय की पौध का प्लांटेशन होगा। प्लांटेशन के लिए बोर्ड ने इन जिलों में भूमि चयनित कर ली है। शासन से इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। बजट मिलने के बाद चाय बागान विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा।