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दूरदर्शन के आठ रिले केंद्र 16 नवंबर से बंद हो जाएंगे
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:22 PM IST
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अल्मोड़ा। दूर दर्शन महानिदेशालय ने अल्मोड़ा, बागेश्वर, धारचूला सहित कुमाऊं के सात स्थानों और चमोली जिले के थराली में स्थित दूरदर्शन रिले केंद्रों को 16 नवंबर से बंद करने का फैसला कर लिया है। जबकि नैनीताल जिले के दो केंद्र भी हाल ही में बंद किए जा चुके हैं। इसके बाद क्षेत्र में दूरदर्शन के चैनल एंटिना के जरिये उपलब्ध नहीं होंगे और लोग सिर्फ डीटीएच के जरिये ही दूरदर्शन के कार्यक्रम देख सकेंगे।
आज के दौर में जहां टीवी चैनलों की बाढ़ आ गई है, लेकिन 2000 से पहले दूरदर्शन के ही सर्वाधिक दर्शक थे। दूरदर्शन के कार्यक्रम लोगों के टीवी स्क्रीन में बेहतर ढंग से पहुंचाने के लिए अस्सी और नब्बे के दशक में देश के तमाम इलाकों में दूरदर्शन रिले केंद्र स्थापित किए गए। अल्मोड़ा में दूरदर्शन रिले केंद्र 1989 में स्थापित हुआ।
इन रिले केंद्रों में कार्यक्रमों को रिले करने के लिए उपकरण लगे होते हैं, लेकिन स्टाफ तैनात नहीं रहता। इधर हाल के वर्षों मेें शहरों और मैदानी इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोगों ने अपने टीवी केबल और डीटीएच से जोड़ दिए हैं। हालांकि दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग आज भी एंटिना के जरिये ही दूरदर्शन के कार्यक्रम देखते हैं। बताया गया है कि हाल में किए गए सर्वेक्षणों के बाद नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन महानिदेशालय ने देश के पहाड़ी इलाकों में स्थित दूरदर्शन रिले केंद्रों को बंद करने का फैसला लिया है।
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दूरदर्शन अनुरक्षण केंद्र अल्मोड़ा के अभियंता आडी शर्मा ने बताया कि 16 नवंबर से अल्मोड़ा अनुरक्षण केंद्र के अंतर्गत स्थित अल्मोड़ा, बागेश्वर, कौसानी, डीडीहाट, मानेश्वर (देवीधूरा), धारचूला, मुनस्यारी और थराली (चमोली) के रिले केंद्र बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद इस इलाके में सिर्फ देवाल (चमोली) में ही एक केंद्र चालू रह जाएगा। उसके बाद दूरदर्शन के सभी चैनल डीटीएच के माध्यम से निशुल्क देखे जा सकते हैं। गढ़वाल मंडल के 21 रिले केंद्र भी बंद किए जा रहे हैं।
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आज के दौर में जहां टीवी चैनलों की बाढ़ आ गई है, लेकिन 2000 से पहले दूरदर्शन के ही सर्वाधिक दर्शक थे। दूरदर्शन के कार्यक्रम लोगों के टीवी स्क्रीन में बेहतर ढंग से पहुंचाने के लिए अस्सी और नब्बे के दशक में देश के तमाम इलाकों में दूरदर्शन रिले केंद्र स्थापित किए गए। अल्मोड़ा में दूरदर्शन रिले केंद्र 1989 में स्थापित हुआ।
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इन रिले केंद्रों में कार्यक्रमों को रिले करने के लिए उपकरण लगे होते हैं, लेकिन स्टाफ तैनात नहीं रहता। इधर हाल के वर्षों मेें शहरों और मैदानी इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोगों ने अपने टीवी केबल और डीटीएच से जोड़ दिए हैं। हालांकि दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग आज भी एंटिना के जरिये ही दूरदर्शन के कार्यक्रम देखते हैं। बताया गया है कि हाल में किए गए सर्वेक्षणों के बाद नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन महानिदेशालय ने देश के पहाड़ी इलाकों में स्थित दूरदर्शन रिले केंद्रों को बंद करने का फैसला लिया है।
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दूरदर्शन अनुरक्षण केंद्र अल्मोड़ा के अभियंता आडी शर्मा ने बताया कि 16 नवंबर से अल्मोड़ा अनुरक्षण केंद्र के अंतर्गत स्थित अल्मोड़ा, बागेश्वर, कौसानी, डीडीहाट, मानेश्वर (देवीधूरा), धारचूला, मुनस्यारी और थराली (चमोली) के रिले केंद्र बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद इस इलाके में सिर्फ देवाल (चमोली) में ही एक केंद्र चालू रह जाएगा। उसके बाद दूरदर्शन के सभी चैनल डीटीएच के माध्यम से निशुल्क देखे जा सकते हैं। गढ़वाल मंडल के 21 रिले केंद्र भी बंद किए जा रहे हैं।