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सवा साल बाद आईएसबीटी के लिए मिले एक करोड़
Updated Sat, 12 May 2018 12:04 AM IST
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अल्मोड़ा। लोअर मालरोड में 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने पूर्व में जारी हुए 3.78 करोड़ रुपये से निर्माण कर लिया है। करीब सवा साल बाद बस अड्डे के लिए सरकार से एक करोड़ रुपये और जारी किए हैं। पूर्व में बस अड्डे का काम दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन बजट के अभाव में यह संभव नहीं लग रहा है।
उत्तराखंड परिवहन निगम का अल्मोड़ा डिपो यहां मालरोड में फिलहाल किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यहां पर बसें खड़े रहने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। अधिकतम तीन बसें ही एक साथ खड़ी रह सकती हैं। इन बसों के गंतव्य को जाने के बाद अन्य बसें डिपो पर आती हैं। लोगों की मांग पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आईएसबीटी की मंजूरी दी। लोअर मालरोड में परिवहन निगम की वर्कशाप समेत 83 नाली (1.78 हेक्टेयर) भूमि में आईएसबीटी का निर्माण 2016 में शुरू हुआ। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को आईएसबीटी के निर्माण का जिम्मा सौंपा। 16 करोड़ रुपये के सापेक्ष 3.78 करोड़ रुपये अवमुक्त भी किए। यह कार्य दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बस अड्डे की चहारदीवारी, फिनिशिंग और दो मंजिलों में लेंटर पड़ गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में निर्माण एजेंसी को बजट नहीं मिला। हालांकि सरकार ने बजट में बस अड्डे के लिए दो करोड़ का प्राविधान किया था। अब सरकार ने एक करोड़ रुपये निर्माण एजेंसी को अवमुक्त किए हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि दिसंबर तक आईएसबीटी में वर्कशॉप का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शेष बजट अवमुक्त करने की मांग शासन से की गई है।
आईएसबीटी में 75 बसें खड़ी रह सकेंगी
अल्मोड़ा। सरकार की आईएसबीटी को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना है। यहां 75 बसों की पार्किंग, बुकिंग काउंटर, आधुनिक वर्कशाप, यात्रियों के लिए दुकानें, जलपान गृह, स्नानागार, डोरमेट्री, शौचालय बनने हैं।
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उत्तराखंड परिवहन निगम का अल्मोड़ा डिपो यहां मालरोड में फिलहाल किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यहां पर बसें खड़े रहने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। अधिकतम तीन बसें ही एक साथ खड़ी रह सकती हैं। इन बसों के गंतव्य को जाने के बाद अन्य बसें डिपो पर आती हैं। लोगों की मांग पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आईएसबीटी की मंजूरी दी। लोअर मालरोड में परिवहन निगम की वर्कशाप समेत 83 नाली (1.78 हेक्टेयर) भूमि में आईएसबीटी का निर्माण 2016 में शुरू हुआ। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को आईएसबीटी के निर्माण का जिम्मा सौंपा। 16 करोड़ रुपये के सापेक्ष 3.78 करोड़ रुपये अवमुक्त भी किए। यह कार्य दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बस अड्डे की चहारदीवारी, फिनिशिंग और दो मंजिलों में लेंटर पड़ गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में निर्माण एजेंसी को बजट नहीं मिला। हालांकि सरकार ने बजट में बस अड्डे के लिए दो करोड़ का प्राविधान किया था। अब सरकार ने एक करोड़ रुपये निर्माण एजेंसी को अवमुक्त किए हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि दिसंबर तक आईएसबीटी में वर्कशॉप का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शेष बजट अवमुक्त करने की मांग शासन से की गई है।
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आईएसबीटी में 75 बसें खड़ी रह सकेंगी
अल्मोड़ा। सरकार की आईएसबीटी को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना है। यहां 75 बसों की पार्किंग, बुकिंग काउंटर, आधुनिक वर्कशाप, यात्रियों के लिए दुकानें, जलपान गृह, स्नानागार, डोरमेट्री, शौचालय बनने हैं।
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