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क्या कर रहे हैं केदारनाथ में 100 लोग?
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Fri, 30 Aug 2013 08:08 AM IST
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पिछले दिनों केदारनाथ में मौत के सैलाब के बात भले ही केदारनाथ का नाम सुनकर ही आपके रोंगटे खड़े हो जा रहें हो लेकिन अभी भी 100 लोग ऐसे हैं जो केदारनाथ में रुके हुए हैं।
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ज्यों-ज्यों केदारनाथ मंदिर में दोबारा पूजा शुरू करने की तिथि नजदीक आ रही है। मौसम रंग दिखाने लगा है। पिछले छह दिनों में केदारनाथ धाम के लिए सिविलयन चॉपर सिर्फ तीन ही चक्कर लगा पाए हैं।
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तीन बार लौटा एमआई-17
एअर फोर्स का एमआई-17 हेलीकॉप्टर तीन बार आधे रास्ते से वापस लौट चुका है। जिसके चलते अभी तक धाम मे प्रीफेब्रिकेटेड हट की सामग्री, मशीन और पुल की शेष सामग्री नहीं पहुंच पाई है।
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स्थिति यह है कि पांच दिनों में बुधवार शाम को बड़ी मुश्किल से नाला हेलीपैड से एक चॉपर ने लोनिवि के एक बीमार कर्मी को वापस लाने के लिए केदारनाथ के लिए उड़ान भरी।
चॉपर में जा रहा खाना
इसी चॉपर में पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की टीम के लिए खाद्य सामग्री भेजी गई। वर्तमान में लोनिवि के मजूदर-कर्मियों सहित धाम में लगभग 100 लोग मौजूद हैं। यदि मौसम ऐसा ही रहता है, तो धाम तक खाद्य सामग्री भेजना मुश्किल हो जाएगा।
केदारघाटी में खराब मौसम अधिकारियों की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि अफसर 11 सितंबर से पहले व्यवस्थाएं बहाल करने की बात कर रहे हैं।
कुहरा व ठंड बनेगी मुसीबत
लेकिन मौसम को देखते हुए घना कुहरा और बढ़ती ठंडक परेशानी बन सकती है। बृहस्पतिवार सुबह चॉपर से एक डॉक्टर और उरेडा के तकनीशियनों को केदारनाथ भेजा जा सका। उरेडा के चार और तकनीशियन खराब मौसम के कारण केदारनाथ नही जा पाए।
एडीएम आलोक पांडे ने बताया कि धाम में 100 किलोवाट की माइक्रोहाइडिल प्लांट ने अभी विद्युत उत्पादन शुरू नहीं किया है। इसकी मरम्मत के लिए तकनीशियन भेजे जा रहे हैं। एक-दो दिन में बिजली चालू हो जाएगी।