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युवा हल्लाबोल की मुहिम: शुरू हुई डिजिटल पंचायत, उत्तर प्रदेश के चुनाव में गूंजेगा ये मुद्दा

Wed, 12 Jan 2022 08:25 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 12 Jan 2022 08:25 PM IST
सार

बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले अनुपम ने कहा, अमूमन चुनाव के दौरान लोगों से झूठे वादे कर वोट ले लिए जाते हैं। उसके बाद पांच साल पूरे हो जाते हैं, मगर वादों का कहीं कुछ पता ही नहीं चलता। चुनाव से पहले झूठे विज्ञापन जारी कर युवाओं को बरगलाया जाता है...

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Yuva Halla Bol has started Youth of UP campaign in the assembly elections of Uttar Pradesh
युवा हल्ला बोल - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

देश में बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर काम कर रहे राष्ट्रीय संगठन 'युवा हल्लाबोल' ने उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में 'युवाओं की यूपी' अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत बुधवार को डिजिटल पंचायत आयोजित की गई। इसमें युवा हल्लाबोल आंदोलन के अध्यक्ष अनुपम, भूतपूर्व सूचना आयुक्त यशोवर्धन आजाद, अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा, सुधींद्र कुलकर्णी और अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई दूसरे लोगों ने हिस्सा लिया। डिजिटल पंचायत में इस बात पर खास जोर दिया गया कि उत्तरप्रदेश चुनाव में सभी राजनीतिक दल युवाओं की बात करें। उनकी शिक्षा, नौकरी और 'पढ़ाई कमाई दवाई' का एजेंडा लेकर मतदाताओं के बीच आएं।

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बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले अनुपम ने कहा, अमूमन चुनाव के दौरान लोगों से झूठे वादे कर वोट ले लिए जाते हैं। उसके बाद पांच साल पूरे हो जाते हैं, मगर वादों का कहीं कुछ पता ही नहीं चलता। चुनाव से पहले झूठे विज्ञापन जारी कर युवाओं को बरगलाया जाता है। तकरीबन हर राज्य में युवाओं के करियर को लेकर आंदोलन हो रहा है। कहीं पर परीक्षा रद्द हो रही है तो कहीं नियुक्ति पत्र देने में इतना समय लगाया जाता है कि आवेदकों के पास दूसरे चांस के लिए आयु ही नहीं बचती। सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी अभ्यर्थियों को समय पर बहाली नहीं मिलती। इन सब बातों के मद्देनजर, युवा हल्लाबोल ने 'युवाओं की यूपी' मुहिम शुरू की है। इसमें जगह-जगह पर युवा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब डिजिटल पंचायत शुरु की गई है।
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युवा हल्लाबोल की अपील पर 'पढ़ाई कमाई दवाई' का मुद्दा जमकर गूंज रहा है। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा और महासचिव रजत यादव ने कहा, उत्तर प्रदेश के चुनावी विमर्श के केंद्र में युवाओं का एजेंडा लाने के लिए 'युवाओं की यूपी' अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद जयंती पर बेरोज़गार युवाओं ने 'पढ़ाई कमाई दवाई' के सवालों को मजबूती से उठाया है। हर युवा को स्वामी विवेकानंद के जीवन से धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की प्रेरणा लेनी चाहिए। अनुपम ने कहा, हमें भेदभाव से मुक्त एक बेहतर समाज निर्माण में अपना जीवन झोंक देना चाहिए। आज के इस दौर में स्वामी विवेकानंद की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है जब धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति का बोलबाला बढ़ गया है।

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