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सब मंत्री हैं मुलायम के फेवरेट तो नेताजी गुस्सा क्यों?

Wed, 16 Jan 2013 02:08 PM IST
लखनऊ/अमर उजाला टीम
लखनऊ/अमर उजाला टीम Updated Wed, 16 Jan 2013 02:08 PM IST
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why sp supremo mulayam singh gets angry with up ministers

अखिलेश सरकार के अधिकतर मंत्रियों का कहना है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह को उनके काम-काज से किसी तरह की शिकायत नहीं है। दावा है कि नेताजी उनसे खुश हैं। सैफई में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों के काम को लेकर सार्वजनिक मंच पर मुलायम सिंह के नाराजगी जताने के बाद ‘अमर उजाला’ ने सभी कैबिनेट मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमत्रियों से संपर्क किया। हमने यह जानने की कोशिश की कि मंत्रियों पर सपा सुप्रीमो को गुस्सा क्यों आता है?

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कुछ मंत्रियों ने हमारे सवाल का जवाब दिया तो कुछ कन्नी कटाते नजर आए। ज्यादातर मंत्रियों के पास नेताजी का भरोसा हासिल होने का अपना ही तर्क है। एक मंत्री का बयान तो बेहद दिलचस्प है। उनका कहना है कि नेताजी की नाराजगी बेईमान लोगों से है। हमारे पास तो बहुत ही कम बजट वाला विभाग है सारा पैसा कर्मचारियों की सैलरी और गैर योजनामद कार्यों में खर्च हो जाता है। उनका इशारा ऐसे विभाग के मंत्रियों की ओर था, जिनका बजट भारी-भरकम है।
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एक अन्य मंत्री के मुताबिक, नेताजी की शिकायत कुछ बड़े मंत्रियों से है। हालांकि वे यह टाल गए कि आखिर वे बड़े मंत्री हैं कौन? उधर, प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव ने झांसी में पत्रकारों के सामने साफगोई से स्वीकार किया है कि नेताजी कमियां बताकर उनका मनोबल बढ़ाते रहते हैं।
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किनसे नाराजगी?
भूमि विकास एवं जल संसाधन मंत्री का कहना है कि मुलायम सिंह की नाराजगी बेईमानों से होती है। उन्होंने खुद को एक छोटे से विभाग का मुखिया बताया। उन्होंने नेताजी की नाराजगी के लिए बेईमान लोगों पर उंगली उठाई है तो दूसरी ओर खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राजाराम पांडे कहते हैं नेताजी की नाराजगी बड़े लोगों से हो सकती है मेरा तो छोटा सा विभाग है। परिवहन मंत्री अरिदमन सिंह का तो कहना है कि जिस कार्यक्रम में नेताजी ने यह बात उठाई उसमें वे खुद मौजूद थे। अगर उनसे कोई शिकायत या नाराजगी होती तो निश्चित ही उन्हें बताया जाता।

अपने-अपने पैमाने
नेताजी के कोप से खुद को अलग मानते हुए मंत्रियों ने जो दावे पेश किए हैं उनमें कुछ ने नेताजी का पूर्व सहयोगी और करीबी बताया है तो कुछ को अपने मंत्रालय के काम पर पूरा भरोसा है। समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद का दावा है कि वे नेताजी के साथ 1977 में भी उनके विभाग के राज्यमंत्री के तौर पर जुड़े थे। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी का कहना है कि नेताजी ने उनसे कभी भी नाराजगी नहीं जताई। उन्हें तो हमेशा ही उनका प्यार मिला है।

विकास के दावे
खुद को कामयाब मंत्री ठहराने के लिए ज्यादातर मंत्रियों ने बढ़-चढ़कर विकास के काम गिनाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने तो मरीजों का भर्ती शुल्क खत्म कराने से लेकर इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट सर्विस शुरू कराने का क्रेडिट भी अपने नाम कर लिया। यह बात और है कि ये वादे सपा के घोषणापत्र का ही हिस्सा थे। ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद गोप कहते हैं मेरे विभाग में 10 महीने के दौरान लक्ष्य के अनुसार काम हुआ है।   


मुझे तो हमेशा स्नेह ही मिला
राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी का कहना है कि मुझसे नेता जी की कभी कोई नाराजगी नहीं रही और न है। नेता जी ने कभी सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से इजहार भी नहीं किया। मुझे नेताजी का स्नेह प्राप्त है और उन्हें हमारे ऊपर पूरा भरोसा है। विधानमंडल के उत्तरशती रजत जयंती कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर दी। नेताजी हमारे अभिभावक हैं। पार्टी अध्यक्ष होने के नाते सरकार के कामकाज पर नजर रखना और कमियां बताकर उन्हें दूर करने ही हिदायत देना उनका अधिकार है।

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