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रायबरेली, अमेठी के बाद सुल्तानपुर में भी ‘गांधी’
रमाकांत तिवारी/सुल्तानपुर
Updated Sun, 21 Apr 2013 12:20 AM IST
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करीब तीन दशक से चली आ रही कांग्रेसियों की मांग भले ही पार्टी हाईकमान ने अब तक न पूरी की हो लेकिन भाजपा बिना मांगे ही सुल्तानपुर संसदीय क्षेत्र से ‘गांधी’ उतारने जा रही है।
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हालात अनुकूल रहे तो संजय गांधी के पुत्र वरुण गांधी सुल्तानपुर से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी होंगे।
संसदीय क्षेत्र में वरुण की टीम की सक्रियता और पार्टी पदाधिकारियों के संकेत इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
16 मई को जिले में प्रस्तावित वरुण गांधी की जनसभा को भी उनकी उम्मीदवारी का आगाज माना जा रहा है।
अस्सी के दशक में अमेठी की राजनीति में संजय गांधी के पदार्पण के बाद से ही सुल्तानपुर के कांग्रेसी गांधी परिवार के किसी सदस्य को प्रत्याशी बनाने की मांग करते रहे हैं।
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कांग्रेसियों की यह मांग भले ही अब तक पूरी नहीं हुई हो लेकिन भाजपा बिना मांगे ही यहां गांधी फैमिली का सदस्य मैदान में उतारने जा रही है।
हालात अनुकूल रहे तो रायबरेली में सोनिया गांधी और अमेठी में राहुल गांधी के बाद सुल्तानपुर में वरुण गांधी की इंट्री होगी। इसकी तैयारियां सुल्तानपुर में करीब छह माह से चल रही हैं।
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वरुण गांधी की टीम पूरे संसदीय क्षेत्र का भ्रमण कर मतदाताओं का रुख टटोल चुकी है। भाजपा जिलाध्यक्ष करुणाशंकर द्विवेदी भी वरुण की ओर से इस तरह का संकेत मिलने की पुष्टि कर रहे हैं।
हालांकि उनका कहना है कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान का होगा। वरुण गांधी की उम्मीदवारी को लेकर जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। अपने पिता संजय गांधी की मौत के बाद वरुण गांधी चौथी बार अविभाजित जिले में 16 मई को पहुंचेंगे।
पहली बार 1981 में संजय विचार मंच से राजीव गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ीं मेनका गांधी अमेठी रामलीला मैदान में वरुण को गोद में लेकर पहुंची थीं, जबकि दूसरी और तीसरी बार उन्होंने सुल्तानपुर में जनसभा की थीं।