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वरुणा कॉरिडोर के निर्माण में लेटलतीफी पर चीफ इंजीनियर सस्पेंड, कई और पर गिरेगी गाज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/लखनऊ
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:31 PM IST
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वरुणा कॉरिडोर
- फोटो : file photo
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सपा सरकार में सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर के कार्य में लेटलतीफी पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में वाराणसी के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (सोन) सुरेश चंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में कई और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। उन्हें चिह्ति कर लिया है। बस सही समय पर कार्रवाई की जाएगी। जिस समय यह योजना शुरू हुई थी उस समय ओम प्रकाश श्रीवास्तव मुख्य अभियंता सोन के पद पर रहे।
काम शुरू होते ही सरकार की ओर से राजेंद्र सिंह को इस पद पर भेजा गया। उनके कार्यकाल में काफी काम हुआ। अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल पहले उठ चुके हैं। यहां तक की पैसों का बंदरबांट की भी चर्चा रही।
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सरकार बदलने के बाद सिंचाई विभाग से यूपीपीसीएल ने योजना की लागत से अधिक रुपये मांगे। सिंचाई विभाग ने अधिक रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद यूपीपीसीएल ने काम रोक दिया।
दबाव पड़ने पर इक्का दुक्का जगहों पर काम शुरू कराया लेकिन गति नहीं पकड़ने के चलते मानीटरिंग करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल वाराणसी की वरुणा नदी के चैनलाइजेशन व तटीय विकास परियोजना के संबंध में दिए गए निर्देशों के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया। परियोजना को 31 मार्च 2018 तक पूरा किया जाना है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में कई और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। उन्हें चिह्ति कर लिया है। बस सही समय पर कार्रवाई की जाएगी। जिस समय यह योजना शुरू हुई थी उस समय ओम प्रकाश श्रीवास्तव मुख्य अभियंता सोन के पद पर रहे।
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काम शुरू होते ही सरकार की ओर से राजेंद्र सिंह को इस पद पर भेजा गया। उनके कार्यकाल में काफी काम हुआ। अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल पहले उठ चुके हैं। यहां तक की पैसों का बंदरबांट की भी चर्चा रही।
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सरकार बदलने के बाद सिंचाई विभाग से यूपीपीसीएल ने योजना की लागत से अधिक रुपये मांगे। सिंचाई विभाग ने अधिक रुपये देने से मना कर दिया। इसके बाद यूपीपीसीएल ने काम रोक दिया।
दबाव पड़ने पर इक्का दुक्का जगहों पर काम शुरू कराया लेकिन गति नहीं पकड़ने के चलते मानीटरिंग करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल वाराणसी की वरुणा नदी के चैनलाइजेशन व तटीय विकास परियोजना के संबंध में दिए गए निर्देशों के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया। परियोजना को 31 मार्च 2018 तक पूरा किया जाना है।
वरुणा कॉरीडोर का अबतक 70 फीसदी ही हुआ काम
वरुणा कॉरिडोर
इस संबंध में सिंचाई विभाग और यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। लंबित बिंदुओं पर समय पर निर्णय न किए जो, तटों के निर्माण और उससे संबंधित अन्य कार्यों के बाधित होने, उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन करने तथा शासकीय कार्य में रुचि न लेने जैसी अनियमितताओं पर मुख्य अभियंता (सोन) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
201 करोड़ रुपये की योजना में 70 फीसदी काम हुआ है। डीएम बंगले के पीछे 1 से लेकर 11.3 किमी सरायमोहाना तक चैनलाइजेशन काम सिंचाई विभाग ने शुरू कराया है। 10.3 किमी के दायरे में पचास मीटर तक ग्रीन बेल्ट का विकास किया जाएगा। पक्के घाट बनाए जाएंगे। पाथवे, हाईमास्ट, बैठने की कुर्सियां, रंग बिरंगी नावें चलाई जाएंगी।
201 करोड़ रुपये की योजना में 70 फीसदी काम हुआ है। डीएम बंगले के पीछे 1 से लेकर 11.3 किमी सरायमोहाना तक चैनलाइजेशन काम सिंचाई विभाग ने शुरू कराया है। 10.3 किमी के दायरे में पचास मीटर तक ग्रीन बेल्ट का विकास किया जाएगा। पक्के घाट बनाए जाएंगे। पाथवे, हाईमास्ट, बैठने की कुर्सियां, रंग बिरंगी नावें चलाई जाएंगी।