वाराणसी: नायब तहसीलदार समेत चार पर केस दर्ज करने के आदेश, खतौनी से नाम हटवाने का मामला; कब्जे का प्रयास भी
जमीन विवाद और कथित फर्जी वसीयतनामे के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नायब तहसीलदार सुलेखा वर्मा समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता उर्मिला देवी ने खतौनी से अपने और बच्चों के नाम हटाने तथा जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया है।
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
जमीन के विवाद में कथित फर्जी वसीयतनामा तैयार कर खतौनी से नाम हटवाने और जमीन पर कब्जे के प्रयास के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने संबंधित थानाध्यक्ष को नायब तहसीलदार सुलेखा वर्मा, निर्मल कुमार, बिंदू प्रसाद और पप्पू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। मामले में शिकायतकर्ता ने तहसील के कर्मचारियों और अन्य लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शिवपुर थाना क्षेत्र के सुद्धिपुर तरना निवासी उर्मिला देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके देवर निर्मल कुमार ने कथित फर्जी वसीयतनामे के आधार पर जमीन की खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में उर्मिला देवी और उनके बच्चों के नाम खतौनी से हटा दिए गए। इससे जमीन पर उनके अधिकार प्रभावित हुए।
उर्मिला देवी के मुताबिक, मामले की जांच कराने पर पता चला कि जिस वसीयतनामे के आधार पर खतौनी में नाम दर्ज कराया गया, उसका संबंधित अभिलेखों में पंजीकरण नहीं मिला। उन्होंने वसीयतनामे को कूटरचित बताते हुए आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में गवाहों और तहसील के संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत रही। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से कार्रवाई की मांग की।
जेसीबी लेकर जमीन पर कब्जे का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 23 जून 2026 को निर्मल कुमार जेसीबी लेकर भगवानपुर स्थित विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंचा। उर्मिला देवी ने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उर्मिला देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। प्रार्थना पत्र में कथित फर्जी वसीयतनामे के जरिए खतौनी में नाम दर्ज कराने, उनके और बच्चों के नाम हटाने तथा जमीन पर कब्जे के प्रयास से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज होगी प्राथमिकी
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने संबंधित थानाध्यक्ष को नायब तहसीलदार सुलेखा वर्मा, निर्मल कुमार, बिंदू प्रसाद और पप्पू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। थाना प्रभारी चौबेपुर अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।