वाराणसी: पहले दिन ही निगम का आदेश बेअसर, खुली रहीं मांस-मछली की दुकानें; एयर शो को लेकर निर्देश
वाराणसी में नगर निगम के आदेश का पहले दिन ही असर नहीं दिखा। प्रतिबंध के बावजूद शहर में कई जगह मांस-मछली की दुकानें खुली रहीं। आदेश के पालन में लापरवाही से निगम की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग नियमों का पालन कराने के लिए क्या कदम उठाता है।
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प्रतिबंध के बाद भी नवरात्र के पहले दिन मांस-मछली की दुकानें खुली रहीं। नवरात्र और एयर शो को ध्यान में रखकर 11 से 26 अक्तूबर तक निगम ने मांस-मछली की दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए थे लेकिन यह आदेश पहले ही दिन बेअसर रहा।
रविवार को चौकाघाट स्थित मछली मंडी खुली रही। पीलीकोठी, जैतपुरा के राजापुरा, नेशनल इंटर कॉलेज के सामने और कज्जाकपुरा में मांस-मछली की दुकानें खुली मिलीं। कोतवाली थाने की हरतीरथ पुलिस चौकी से महज 150 मीटर की दूरी पर कई दुकानें खुली थीं। प्रतिबंध के बावजूद यहां दुकानदार मांस बेचते नजर आए। बेनियाबाग में शटर गिराकर मीट बेचा जा रहा था। बीएचयू छित्तूपुर में परदा लगाकर चिकन-मटन की बिक्री की जा रही थी।
इसी तरह रोहनिया क्षेत्र के शहावाबाद, मोहनसराय, जगतपुर, अखरी में सड़क किनारे तो मांस-मछली की दुकानें बंद रहीं लेकिन मुख्य सड़क से दूर हटकर दुकानदार बिक्री करते नजर आए। भिखारीपुर में बरेका बाउंड्री से सटे मीट, चिकन की दुकानें बंद हैं। नाथूपुर मछली मंडी सुबह खुली थी जिसे बाद में बंद कराया गया। लोहता के अलावा धमरिया के पास मांस-मछली की दुकानें खुली रहीं।
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ विजय अमृतराज ने कहा मांस-मछली की दुकानें बंद रहें, इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जिनकी दुकानें खुली मिलीं, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मीट-मांस की दुकानों को लेकर अब अभियान चलाया जाएगा। आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया गया है। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर