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एनआरआई सम्मेलनः टेंट सिटी में नगर निगम और जल निगम की लापरवाही आई सामने
Tue, 08 Jan 2019 10:45 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Tue, 08 Jan 2019 10:45 AM IST
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टेंट सिटी में सीवर लाइन का काम अधूरा
- फोटो : amar ujala
प्रशासनिक महकमा प्रवासी भारतीय सम्मेलन की कागजी तैयारियों में ही जुटा है। रिंग रोड किनारे ऐढ़े गांव में बन रहे टेंट सिटी में अब तक न तो सीवर का कनेक्शन किया गया और न ही पानी की टंकी से पाइप लाइन जोड़ी गई है। अंदर संपर्क मार्गों को लेकर भी गंभीरता नहीं दिख रही है।
एनआरआई विभाग ने रविवार को खामियों की वीडियो रिकार्डिंग के साथ शासन को अधिकारियों की लापरवाही पर रिपोर्ट भेजी है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अब 14 दिन ही शेष है और ज्यादातर काम लंबित पड़े हैं। 14 सौ लोगों के ठहरने के लिए तैयार हो रहे टेंट सिटी में छह सौ से ज्यादा टेंट बनाए जा रहे हैं।
इसमें सीवरेज के लिए अलग व्यवस्था होनी है। पाइप लाइन बिछाने के बाद सेफ्टी टैंक बनाया जाना है, मगर अब तक यहां न तो सेफ्टी टैंक का काम पूरा किया गया और न ही सीवर कनेक्शन दिए गए। ज्यादातर टेंट में फिटिंग नहीं होने से इसकी टेस्टिंग भी संभव नहीं है।
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उधर, यहां पानी की आपूर्ति के लिए एक किलोमीटर दूर बने ओवरहेड टैंक से कनेक्शन होना है, इसे लेकर जल निगम गंभीर नहीं है। यहां बता दें कि सरकारी लापरवाही को देखते हुए बैकअप के लिए कार्यदायी संस्था ने अलग-अलग क्षेत्रों में चार बोरिंग किए हैं। संपर्क मार्ग तैयार करने का काम लोक निर्माण कर रहा है, मगर इसकी गति बहुत ही धीमी है।
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एनआरआई विभाग ने रविवार को खामियों की वीडियो रिकार्डिंग के साथ शासन को अधिकारियों की लापरवाही पर रिपोर्ट भेजी है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अब 14 दिन ही शेष है और ज्यादातर काम लंबित पड़े हैं। 14 सौ लोगों के ठहरने के लिए तैयार हो रहे टेंट सिटी में छह सौ से ज्यादा टेंट बनाए जा रहे हैं।
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इसमें सीवरेज के लिए अलग व्यवस्था होनी है। पाइप लाइन बिछाने के बाद सेफ्टी टैंक बनाया जाना है, मगर अब तक यहां न तो सेफ्टी टैंक का काम पूरा किया गया और न ही सीवर कनेक्शन दिए गए। ज्यादातर टेंट में फिटिंग नहीं होने से इसकी टेस्टिंग भी संभव नहीं है।
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उधर, यहां पानी की आपूर्ति के लिए एक किलोमीटर दूर बने ओवरहेड टैंक से कनेक्शन होना है, इसे लेकर जल निगम गंभीर नहीं है। यहां बता दें कि सरकारी लापरवाही को देखते हुए बैकअप के लिए कार्यदायी संस्था ने अलग-अलग क्षेत्रों में चार बोरिंग किए हैं। संपर्क मार्ग तैयार करने का काम लोक निर्माण कर रहा है, मगर इसकी गति बहुत ही धीमी है।
समतलीकरण पर भी ध्यान नहीं
टेंट सिटी का चल रहा काम
- फोटो : amar ujala
24 दिसंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने निरीक्षण के बाद टेंट सिटी में समतलीकरण नहीं होने पर नाराजगी जताई थी और तत्काल समतलीकरण का निर्देश दिया था। इसके बाद मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय और डीजीपी ओपी सिंह ने भी समतलीकरण न होने पर नाराजगी जताई, मगर कार्यदायी संस्था इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
उधर, कर्मचारियों का दावा है कि टेंट का काम पूरा होने के बाद बची जमीन का समतलीकरण किया जाएगा। वहीं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर एनआरआई विभाग ने पूरे क्षेत्र की रिकार्डिंग कराई है और उसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें सीवर, पानी और सड़क के मामले में की जा रही लापरवाही का उल्लेख है।
डीएम सुरेंद्र सिंह का कहना है कि टेंट सिटी सहित सभी आयोजन स्थलों की तैयारियों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जल निगम और नगर निगम के काम को हर हाल में दो दिनों में पूरा कराया जाएगा।
उधर, कर्मचारियों का दावा है कि टेंट का काम पूरा होने के बाद बची जमीन का समतलीकरण किया जाएगा। वहीं स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर एनआरआई विभाग ने पूरे क्षेत्र की रिकार्डिंग कराई है और उसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें सीवर, पानी और सड़क के मामले में की जा रही लापरवाही का उल्लेख है।
डीएम सुरेंद्र सिंह का कहना है कि टेंट सिटी सहित सभी आयोजन स्थलों की तैयारियों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जल निगम और नगर निगम के काम को हर हाल में दो दिनों में पूरा कराया जाएगा।
घर के साथ खोले दिल के दरवाजे
आलोक कुमार सिन्हा और उनकी पत्नी अनुमिता सिन्हा
- फोटो : amar ujala
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले अतिथियों के स्वागत को काशी तैयार है। लोगों ने घर के साथ ही दिल के दरवाजे भी खोल दिए हैं। चांदमारी की सुखमय विहार कॉलोनी के आलोक कुमार सिन्हा के घर कनाडा से रजींदर धवन परिवार के साथ आ रहे हैं। उनके स्वागत के लिए पूरे घर में उत्साह नजर आया।
आलोक इंटरनेट के माध्यम से कनाडा के खानपान व पसंद-नापसंद की लिस्ट तैयार कर रहे हैं तो उनकी पत्नी अनुमिता सिन्हा नाश्ते से लेकर डिनर तक का मेन्यू बनाने में जुटी हैं। कृषि विभाग में अकाउंटेंट के पद पर तैनात आलोक बताते हैं कि हम मेहमान के सत्कार में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
शुक्रवार को ‘रजिंद्र जी’ से बात भी हुई और उन्होंने काशी में आने को खास मौका बताया। अलोक ने बताया कि हमारा घर टीएफसी के पास ही है। प्रशासन की ओर से हमें बताया गया है कि दोपहर व रात का खाना मेहमान टीएफसी में ही करेंगे, लेकिन हम चाहते हैं कि अपने मेहमान की ज्यादा से ज्यादा सेवा का मौका मिले। हम उन्हें खानपान के साथ अपने क्षेत्र से जुड़ी परंपराओं आदि के बारे में भी बताने का प्रयास करेंगे।
आलोक इंटरनेट के माध्यम से कनाडा के खानपान व पसंद-नापसंद की लिस्ट तैयार कर रहे हैं तो उनकी पत्नी अनुमिता सिन्हा नाश्ते से लेकर डिनर तक का मेन्यू बनाने में जुटी हैं। कृषि विभाग में अकाउंटेंट के पद पर तैनात आलोक बताते हैं कि हम मेहमान के सत्कार में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
शुक्रवार को ‘रजिंद्र जी’ से बात भी हुई और उन्होंने काशी में आने को खास मौका बताया। अलोक ने बताया कि हमारा घर टीएफसी के पास ही है। प्रशासन की ओर से हमें बताया गया है कि दोपहर व रात का खाना मेहमान टीएफसी में ही करेंगे, लेकिन हम चाहते हैं कि अपने मेहमान की ज्यादा से ज्यादा सेवा का मौका मिले। हम उन्हें खानपान के साथ अपने क्षेत्र से जुड़ी परंपराओं आदि के बारे में भी बताने का प्रयास करेंगे।
टेंट सिटी में भी गंगा घाटों का नजारा
गंगा आरती की बनाई गई पेटिंग
- फोटो : amar ujala
दुनिया भर से आने वाले मेहमानों को टेंट सिटी में भी गंगा घाटों का नजारा देखने को मिलेगा। प्रवेश द्वार से लेकर अंदर के टेंट में गंगा आरती, घाट और काशी की संस्कृति की झलक दिखाई देगी। टेंट का नामकरण भी नदियों के नाम पर किया जाएगा।
यहां आईआईटी दिल्ली से तैयार कराए गए काशी विश्वनाथ मंदिर का वर्चुअल मॉडल भी रखा जाएगा, ताकि मेहमानों को धर्म, कला और संस्कृति के बारे में आसानी से बताया जा सके। टेंट सिटी के स्वागत कक्ष को विशेष कलाकृति के साथ तैयार किया जा रहा है। बाहर से यह राजमहल जैसा लुक देगा। दूसरे टेंट में गंगा आरती, घाट, पानी में कलरव करते पक्षी, शिव के रूपों के साथ सजाया जा रहा है।
वहीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान प्रमुख आयोजन स्थल हस्तकला संकुल को भी तैयार किया जा रहा है। प्रवेश द्वार के सामने बौद्ध धर्म के आष्टांगिक मार्ग के साथ गौतम बुद्ध की प्रतिमा सजाई गई है। इसके अलावा यहां अलग-अलग क्षेत्रों का नामकरण किया जा रहा है।
उधर, प्रशासन की ओर से एक ऐप तैयार कराया जा रहा है, जिसकी मदद से प्रवासी भारतीयों को आसानी से यहां के स्थानों की खासियत और इतिहास की जानकारी हो सकेगी। काशी आने वाले प्रवासियों को इस ऐप का लिंक दिया जाएगा और इससे उन्हें शहर घूमने में आसानी होगी।
यहां आईआईटी दिल्ली से तैयार कराए गए काशी विश्वनाथ मंदिर का वर्चुअल मॉडल भी रखा जाएगा, ताकि मेहमानों को धर्म, कला और संस्कृति के बारे में आसानी से बताया जा सके। टेंट सिटी के स्वागत कक्ष को विशेष कलाकृति के साथ तैयार किया जा रहा है। बाहर से यह राजमहल जैसा लुक देगा। दूसरे टेंट में गंगा आरती, घाट, पानी में कलरव करते पक्षी, शिव के रूपों के साथ सजाया जा रहा है।
वहीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान प्रमुख आयोजन स्थल हस्तकला संकुल को भी तैयार किया जा रहा है। प्रवेश द्वार के सामने बौद्ध धर्म के आष्टांगिक मार्ग के साथ गौतम बुद्ध की प्रतिमा सजाई गई है। इसके अलावा यहां अलग-अलग क्षेत्रों का नामकरण किया जा रहा है।
उधर, प्रशासन की ओर से एक ऐप तैयार कराया जा रहा है, जिसकी मदद से प्रवासी भारतीयों को आसानी से यहां के स्थानों की खासियत और इतिहास की जानकारी हो सकेगी। काशी आने वाले प्रवासियों को इस ऐप का लिंक दिया जाएगा और इससे उन्हें शहर घूमने में आसानी होगी।