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भारतीयता और आत्मीयता का दर्शन कराते हैं पर्व
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वाराणसी। महर्षि वाल्मिकी विश्वविद्यालय मुंदणी के कुलपति प्रो. श्रेयांश द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के पर्व सदैव भारतीयता और आत्मीयता के दर्शन कराते हैं। मां वाग्देवी का स्थल और काशी दोनों का समन्वय भारतीय संस्कृति व संस्कार के ज्ञान गंगा की धारा के दर्शन मात्र से ही जीवन का हर क्षण सुखमय हो जाएगा।
वह मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वसंत पंचमी पर मां वाग्देवी के मंदिर में आयोजित पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरा महामहोपाध्याय पं. दामोदर शास्त्री के व्यक्तित्व पर आधारित विद्वदवैभव परंपरा के वृतचित्रों की शृंखला-3 का लोकार्पण किया गया।
कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि या कुंदेंदु तुसार हाल धवला....... का भाव संपूर्ण जग को प्रकाशित करता है। संगीत विभाग की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रो. हर प्रसाद दीक्षित, जितेंद्र कुमार, प्रो. आशुतोष मिश्र, प्रो. प्रेम नारायण सिंह, प्रो. शैलेष कुमार मिश्र, प्रो. ब्रजभूषण ओझा मौजूद रहे।
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वह मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वसंत पंचमी पर मां वाग्देवी के मंदिर में आयोजित पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरा महामहोपाध्याय पं. दामोदर शास्त्री के व्यक्तित्व पर आधारित विद्वदवैभव परंपरा के वृतचित्रों की शृंखला-3 का लोकार्पण किया गया।
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कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि या कुंदेंदु तुसार हाल धवला....... का भाव संपूर्ण जग को प्रकाशित करता है। संगीत विभाग की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रो. हर प्रसाद दीक्षित, जितेंद्र कुमार, प्रो. आशुतोष मिश्र, प्रो. प्रेम नारायण सिंह, प्रो. शैलेष कुमार मिश्र, प्रो. ब्रजभूषण ओझा मौजूद रहे।
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