{"_id":"586b7dab4f1c1b943a158a47","slug":"varanasi-babatpur-airport-aircraft-will-be-able-to-land-in-low-visibility-also","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब कम दृश्यता पर भी बाबतपुर में लैंड कर सकेंगे विमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कम दृश्यता पर भी बाबतपुर में लैंड कर सकेंगे विमान
हेमंत दुबे, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 03 Jan 2017 05:48 PM IST
विज्ञापन
vistara
- फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोहरे के चलते दृश्यता बेहद कम होने पर भी अब लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों की लैंडिंग हो सकेगी। विमानों के उड़ान भरने और उतरने में सबसे महत्वपूर्ण उपकरण इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) कैट थ्री-सी से इस एयरपोर्ट को जल्द लैस किया जाएगा।
यह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अभी आईएलएस कैट वन प्रणाली से युक्त है। कैट वन प्रणाली के उपकरण द्वारा विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए 800 मीटर से अधिक दृश्यता की आवश्यकता होती है, जबकि देश के सभी महत्वपूर्ण मेट्रो हवाईअड्डों पर कैट थ्री- ए, कैट थ्री-बी और सी तक के सिस्टम इंस्टाल किए जा चुके हैं।
कैट थ्री-सी प्रणाली में दृश्यता शून्य होने की स्थिति में भी विमान आसानी से लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे। बाबतपुर हवाईअड्डे पर फिलहाल 800 मीटर से कम दृश्यता होने पर विमान नहीं उतर पाते हैं। कोहरे के दौरान रनवे न दिखाई देने की दशा में विमान हवा में ही चक्कर लगाते रह जाते हैं।
विज्ञापन
इससे हवाई जहाज का काफी फ्यूल बर्बाद हो जाता है और एयरलाइंस कंपनियों को लाखों की चपत लगती है। हालांकि अब मौसम विभाग सहित उड्डयन मंत्रालय के अत्याधुनिक संसाधनों के जरिये घना कोहरा और दृश्यता के बारे में जानकारी पहले ही हो जाती है।
ऐसे में एयर लाइंस कंपनी की ओर से विमान की अगले हवाई अड्ड के लिए उड़ान पहले ही रोक ली जाती है। दिन भर दृश्यता सामान्य न होने की दशा में उड़ान रद्द भी कर दी जाती है। ऐसा करने से एयरलाइंस कंपनी द्वारा अपनी तो बचत कर ली जाती है लेकिन यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
यह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अभी आईएलएस कैट वन प्रणाली से युक्त है। कैट वन प्रणाली के उपकरण द्वारा विमानों के उतरने और उड़ान भरने के लिए 800 मीटर से अधिक दृश्यता की आवश्यकता होती है, जबकि देश के सभी महत्वपूर्ण मेट्रो हवाईअड्डों पर कैट थ्री- ए, कैट थ्री-बी और सी तक के सिस्टम इंस्टाल किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
कैट थ्री-सी प्रणाली में दृश्यता शून्य होने की स्थिति में भी विमान आसानी से लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे। बाबतपुर हवाईअड्डे पर फिलहाल 800 मीटर से कम दृश्यता होने पर विमान नहीं उतर पाते हैं। कोहरे के दौरान रनवे न दिखाई देने की दशा में विमान हवा में ही चक्कर लगाते रह जाते हैं।
विज्ञापन
इससे हवाई जहाज का काफी फ्यूल बर्बाद हो जाता है और एयरलाइंस कंपनियों को लाखों की चपत लगती है। हालांकि अब मौसम विभाग सहित उड्डयन मंत्रालय के अत्याधुनिक संसाधनों के जरिये घना कोहरा और दृश्यता के बारे में जानकारी पहले ही हो जाती है।
ऐसे में एयर लाइंस कंपनी की ओर से विमान की अगले हवाई अड्ड के लिए उड़ान पहले ही रोक ली जाती है। दिन भर दृश्यता सामान्य न होने की दशा में उड़ान रद्द भी कर दी जाती है। ऐसा करने से एयरलाइंस कंपनी द्वारा अपनी तो बचत कर ली जाती है लेकिन यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है।
एक बार तो ऐसा भी लगा कि पीएम नहीं जा पाएंगे
बाबतपुर एयरपोर्ट पर पीएम
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि हाल में ही दिल्ली से 126 यात्रियों को लेकर वाराणसी पहुंचा विस्तारा एयरलाइंस का विमान बाबतपुर हवाई अड्डे पर तमाम कोशिशों के बाद भी लैंड नहीं कर सका था। कम दृश्यता के चलते पायलट को विमान उतारने में कठिनाई हुई।
पायलट द्वारा तीन बार विमान को हवाईअड्डे के रनवे पर उतारने का प्रयास किया गया लेकिन विमान की लैंडिंग नहीं हो सकी थी।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कार्यवाहक निदेशक आरके वर्मा ने कहा कि बीते अक्तूबर माह में मुख्यालय से कैट थ्री सिस्टम लगाने के लिए जानकारी मांगी गई थी। उसके बाद आवश्यकता को देखते हुए यहां कैट थ्री सी की मांग की गई है। इस बारे में आवश्यक फ ाइलों को मुख्यालय भेज दिया गया है।
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जापान के पीएम शिंजो अबे वाराणसी आए थे। उनके आगमन से ठीक पहले घने कोहरे के चलते उड़ानों के कैंसिल होने का सिलसिला शुरू हो गया था।
उस समय हवाईअड्डे पर की गई एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग बैठक में कोहरे को भी लेकर सवाल उठा था जिससे एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारी भी परेशान हो गए थे लेकिन संयोग से उस दिन कोहरा काफी कम रहा।
जानिए कैसे काम करता कैट सिस्टम
कैट वन में दृष्यता 800 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट सेकेंड में दृष्यता 300 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री ए में दृष्यता 180 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री बी में दृष्यता 46 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री सी प्रणाली में शून्य दृश्यता पर भी विमान आसानी से उतर सकते हैं तथा उड़ान भर सकते हैं
पायलट द्वारा तीन बार विमान को हवाईअड्डे के रनवे पर उतारने का प्रयास किया गया लेकिन विमान की लैंडिंग नहीं हो सकी थी।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कार्यवाहक निदेशक आरके वर्मा ने कहा कि बीते अक्तूबर माह में मुख्यालय से कैट थ्री सिस्टम लगाने के लिए जानकारी मांगी गई थी। उसके बाद आवश्यकता को देखते हुए यहां कैट थ्री सी की मांग की गई है। इस बारे में आवश्यक फ ाइलों को मुख्यालय भेज दिया गया है।
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जापान के पीएम शिंजो अबे वाराणसी आए थे। उनके आगमन से ठीक पहले घने कोहरे के चलते उड़ानों के कैंसिल होने का सिलसिला शुरू हो गया था।
उस समय हवाईअड्डे पर की गई एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग बैठक में कोहरे को भी लेकर सवाल उठा था जिससे एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारी भी परेशान हो गए थे लेकिन संयोग से उस दिन कोहरा काफी कम रहा।
जानिए कैसे काम करता कैट सिस्टम
कैट वन में दृष्यता 800 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट सेकेंड में दृष्यता 300 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री ए में दृष्यता 180 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री बी में दृष्यता 46 मीटर से अधिक होनी चाहिए
कैट थ्री सी प्रणाली में शून्य दृश्यता पर भी विमान आसानी से उतर सकते हैं तथा उड़ान भर सकते हैं