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दंतेवाड़ा नक्सली हमले में गाजीपुर और वाराणसी के दो जवान शहीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/गाजीपुर
Updated Mon, 21 May 2018 07:17 PM IST
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दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के वाहन को बम से उड़ाया, 6 जवान शहीद
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के हमले में वाराणसी के बड़ागांव ब्लाक के ग्रामसभा बसनी निवासी रविनाथ सिंह पटेल (23) और गाजीपुर जिले के बरईपारा गांव के अर्जुन राजभर (35) शहीद हो गए। इस हमले में छह जवान शहीद हुए हैं। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और गांव वाले शोक में डूब गए।
बेटे के शहीद होने की जानकारी पिता सत्यप्रकाश पटेल और मां अनीता को नहीं दी गई है। लोगों ने उन्हें बताया है कि रविनाथ सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। उन्हें इलाज के लिए वाराणसी लाया जा रहा है। जवान के शहीद होने की जानकारी मिलते ही परिजन और गांव वाले गमगीन हो गए।
शहीद जवान दो भाई व एक बहन में दूसरे नंबर का था और अविवाहित था। वह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे। वह इसी महीने गांव आने वाले थे। शहीद के बड़े भाई कलकत्ता में केमिकल्स इंजीनियर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए हैं।
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शहीद जवान का शव सोमवार की सुबह गांव आने की संभावना है। गाजीपुर जिले के बरईपारा गांव निवासी बलिराम राजभर के पांच पुत्रों में एक अर्जुन राजभर छत्तीसगढ़ के 16वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे।
एक माह पूर्व अर्जुन राजभर अपने घर बरईपारा आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के रोने बिलखने की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीण रोते-बिलखते परिजनों को समझाने-बुझाने में जुट गए।
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बेटे के शहीद होने की जानकारी पिता सत्यप्रकाश पटेल और मां अनीता को नहीं दी गई है। लोगों ने उन्हें बताया है कि रविनाथ सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। उन्हें इलाज के लिए वाराणसी लाया जा रहा है। जवान के शहीद होने की जानकारी मिलते ही परिजन और गांव वाले गमगीन हो गए।
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शहीद जवान दो भाई व एक बहन में दूसरे नंबर का था और अविवाहित था। वह 2013 में सेना में भर्ती हुए थे। वह इसी महीने गांव आने वाले थे। शहीद के बड़े भाई कलकत्ता में केमिकल्स इंजीनियर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए हैं।
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शहीद जवान का शव सोमवार की सुबह गांव आने की संभावना है। गाजीपुर जिले के बरईपारा गांव निवासी बलिराम राजभर के पांच पुत्रों में एक अर्जुन राजभर छत्तीसगढ़ के 16वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे।
एक माह पूर्व अर्जुन राजभर अपने घर बरईपारा आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के रोने बिलखने की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीण रोते-बिलखते परिजनों को समझाने-बुझाने में जुट गए।