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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Union Budget 2024 said expert Rural economy improve effect visible after five to ten years

Union Budget 2024: ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरेगी, असर पांच-दस वर्ष बाद दिखेगा; पढ़ें- और क्या बोले एक्सपर्ट

Wed, 24 Jul 2024 05:55 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 24 Jul 2024 05:55 PM IST
सार

Varanasi News: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट जारी कर दिया गया। इस पर आम जनता से लेकर तमाम एक्सपर्ट ने अपनी-अपनी रायशुमारी की। किसी ने इसे जनहित का बजट बताया तो किसी ने टैक्स हित। इस पर वाराणसी के विशेषज्ञों ने भी अपनी बात रखी। आइए जानते हैं किसने क्या कहा...

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Union Budget 2024 said expert Rural economy improve effect visible after five to ten years
प्रो. एसके दुबे, प्रो. केके अग्रवाल, प्रो. एचपी माथुर और आरके चौधरी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार की ओर से सत्र 2024-25 का जो बजट प्रस्तुत किया गया है, उससे मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। काॅर्पोरेट सेक्टर की कर प्रणाली को भी सरल बनाया गया है। बजट ''विकसित भारत'' की दिशा में एक विस्तृत रणनीति प्रस्तुत करता है। 

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इसमें आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए खर्च बढ़ाने, रोजगार सृजन और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को समर्थन देने पर जोर दिया गया है। इसमें विदेशी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत किया गया है। 
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प्रमुख पहलों की अगर बात करें तो इसमें एक करोड़ युवाओं के लिए व्यापक इंटर्नशिप कार्यक्रम, पहली बार नौकरी पाने वालों के लिए रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन और महिलाओं के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। 
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इन उपायों का उद्देश्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना, असमानताओं को कम करना और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को सुधारना है। - प्रो. एचपी माथुर, संकाय प्रमुख, प्रबंध अध्ययन संकाय, बीएचयू

वित्तमंत्री ने मुख्य फोकस देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया है। देश को विश्व गुरु बनाना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बहुत सुधार करना पड़ेगा। ये दीर्घकालिक फैसले होते हैं। इसका असर पांच-दस वर्ष बाद दिखेगा। टैक्स स्लैब को भी व्यवस्थित करने का प्रयास है। इसे विकास परक बजट कहा जा सकता है। - प्रो. एसके दुबे, डीन प्रबंध संकाय बीएचयू

सैलरी करदाता को अतिरिक्त बचत का लाभ
गांव, गरीब और किसान को समर्पित यह बजट भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर इकाेनॉमी में परिवर्तित करने की क्षमता रखने वाला है। सैलरी वाले करदाता को अतिरिक्त बचत का लाभ मिलेगा। प्राकृतिक खेती पर सरकार का विशेष प्रयास देश की आर्थिक उन्नति पर दूरगामी असर डालेगा। एंजेल टैक्स में कटौती की गई है, स्टार्टअप में काफी सहूलियत मिलेगी। - प्रो. केके अग्रवाल, कॉमर्स डिपार्टमेंट, काशी विद्यापीठ

महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का आग्रह वित्तमंत्री ने राज्य सरकारों से किया है। यह एक अच्छा निवेश विकल्प बनेगा। अर्थशास्त्र का सामान्य नियम है कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया व्यय दूसरे की आय बन जाती है। सरकार चाहती है कि लोग पैसा बचाने के बजाय खर्च का विकल्प चुनें। - डॉ. राकेश तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, काशी विद्यापीठ

विदेशी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को 40 से घटाकर 35 प्रतिशत किया गया है। एक करोड़ युवाओं के लिए व्यापक इंटर्नशिप कार्यक्रम, महिलाओं के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना, असमानताओं को कम करना और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को सुधारना है। -प्रो. एचपी माथुर, संकाय प्रमुख, प्रबंध अध्ययन संकाय, बीएचयू

कृषि के लिए बजट में 1.52 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। आनुपातिक दृष्टि से इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है। एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है। और योजना होनी चाहिए थी। कृषि में जोखिम प्रबंधन के लिए बजट आवंटन अपेक्षित था। - प्रो. राकेश सिंह, कृषि अर्थशास्त्र विभाग, बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान

वित्तमंत्री ने मुख्य फोकस देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया है। देश को विश्व गुरु बनाना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बहुत सुधार करना पड़ेगा। ये दीर्घकालिक फैसले होते हैं। इसका असर पांच-दस वर्ष बाद दिखेगा। टैक्स स्लैब को भी व्यवस्थित करने का प्रयास है। इसे विकास परक बजट कहा जा सकता है। - प्रो. एसके दुबे, डीन प्रबंध संकाय बीएचयू

सैलरी करदाता को अतिरिक्त बचत का लाभ
गांव, गरीब और किसान को समर्पित यह बजट भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर इकाेनॉमी में परिवर्तित करने की क्षमता रखने वाला है। सैलरी वाले करदाता को अतिरिक्त बचत का लाभ मिलेगा। प्राकृतिक खेती पर सरकार का विशेष प्रयास देश की आर्थिक उन्नति पर दूरगामी असर डालेगा। एंजेल टैक्स में कटौती की गई है, स्टार्टअप में काफी सहूलियत मिलेगी। - प्रो. केके अग्रवाल, कॉमर्स डिपार्टमेंट, काशी विद्यापीठ



महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का आग्रह वित्तमंत्री ने राज्य सरकारों से किया है। यह एक अच्छा निवेश विकल्प बनेगा। अर्थशास्त्र का सामान्य नियम है कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया व्यय दूसरे की आय बन जाती है। सरकार चाहती है कि लोग पैसा बचाने के बजाय खर्च का विकल्प चुनें। - डॉ. राकेश तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, काशी विद्यापीठ

विदेशी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को 40 से घटाकर 35 प्रतिशत किया गया है। एक करोड़ युवाओं के लिए व्यापक इंटर्नशिप कार्यक्रम, महिलाओं के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना, असमानताओं को कम करना और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को सुधारना है। - प्रो. एचपी माथुर, संकाय प्रमुख, प्रबंध अध्ययन संकाय, बीएचयू

कृषि के लिए बजट में 1.52 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। आनुपातिक दृष्टि से इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है। एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है। और योजना होनी चाहिए थी। कृषि में जोखिम प्रबंधन के लिए बजट आवंटन अपेक्षित था। - प्रो. राकेश सिंह, कृषि अर्थशास्त्र विभाग, बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान

बजट पर भाजपा की प्रतिक्रिया
बहुआयामी, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बजट है। किसानों की आय दोगुनी होगी। नौजवानों के हाथ में कौशल होगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र और वेतनभोगी कर्मियों को कर में राहत मिलेगी। - रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री

2047 तक भारत को दुनिया में नंबर एक बनाने की दिशा में काम करने वाला बजट है। प्रधानमंत्री हर गरीब को पक्की छत देना चाहते हैं।इस दिशा में तीन करोड़ नए घर का संकल्प अद्भुत है। - डॉ. दयाशंकर मिश्र, राज्यमंत्री

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