बलिया से अपहृत दो हिंदू किशोरियां कानपुर से बरामद, पीड़ित परिवार ने बताई खौफनाक कहानी, एक हिरासत में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया जिले के सिकंदरपुर कस्बे से 25 जनवरी को दो हिंदू नाबालिग लड़कियों को कस्बे के दूसरे समुदाय के युवक बहला-फुसला कर साथ ले गए थे। पुलिस ने उन्हें कानपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। लेकिन एक आरोपी ही पकड़ा जा सका। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
कस्बा निवासी दो अभिभावकों ने 26 जनवरी को चौकी सिकंदरपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनकी 15 और 14 वर्षीय बेटियों को गांव के दूसरे समुदाय के युवक बहला फुसलाकर ले गए हैं। पुलिस ने एक आरोपी और दोनों लड़कियों को 27 जनवरी को कानपुर रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। एक आरोपी भाग गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि सिकंदरपुर में संगठित गिरोह काम कर रहा है। ये लोग हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जा रहे हैं। इसके बाद धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराते हैं। दोनों लड़कियां हाई स्कूल में पढ़ती हैं।
उनका कहना है कि 25 जनवरी को वे स्कूल जा रही थीं, तभी कस्बा निवासी एक युवक ने कुछ सुंघा दिया, इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं, होश आया तो वे कानपुर में थीं। जब घर जाने की बात कही और अपना मोबाइल फोन मांगा तो मारपीट की गई।
दूसरे दिन हमें कानपुर स्टेशन ले जाया गया, तभी कुछ रिश्तेदार व पुलिस वहां पहुंच गई और हमें लेकर सिकंदरपुर आई। सीओ सिकंदरपुर पवन कुमार ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। छानबीन चल रही है। चौकी प्रभारी का कहना था कि दोनों लड़कियों को कानपुर से पकड़ लिया गया है। एक आरोपी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।