BHU में बिहार के मरीजों की आफत: ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान से इलाज नहीं हो सकेगा, जानें वजह; IMS ने कही ये बात
Varanasi News: बीएचयू स्थित ट्राॅमा सेंटर में 40% मरीज बिहार के आते हैं। बिहरी सरकार पर आठ करोड़ बाकी है। इस कारण दवा कंपनियां बिना भुगतान सामान नहीं दे सकेंगी।
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BHU Hospital Varanasi: बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में बिहार के मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज पर संकट खड़ा हो गया है। पिछले चार साल में 1136 मरीज भर्ती हुए। जिनकी जांच के साथ-साथ हाथ, घुटने, पैर की सर्जरी की गई।
इसमें आने वाले खर्च करीब आठ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। जबकि बीएचयू में आने वाले मरीजों में 40 प्रतिशत मरीज बिहार के हैं। दवा और सर्जिकल उपकरण देने वाली कंपनियां भी सामान देने से कतराने लगी हैं। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के माध्यम से कई बार इस बारे में मांग की गई है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक निशुल्क चिकित्सा लाभ का प्रावधान है। नियमानुसार, इस योजना में उन्हीं मरीजों को लाभ मिलता है, जो भर्ती होते हैं। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चलने वाली ओपीडी और इमरजेंसी को मिलाकर हर दिन करीब 1000 मरीज वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ-साथ बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से आते हैं। इनमें से करीब 400 मरीज बिहार के औरंगाबाद, सासाराम, भभुआ, डेहरी आन सोन, गया, पटना आदि जगहों से होते हैं।
बिहार सरकार पर करोड़ाें रुपये बाकी
यहां इमरजेंसी में आयुष्मान का एक अलग काउंटर भी है, जहां पंजीकरण के बाद भर्ती मरीजों की योजना के तहत निशुल्क जांच और सर्जरी करवाई जाती है। मरीजों की चोट के हिसाब से डॉक्टर की सलाह पर सर्जरी के साथ-साथ कुछ का घुटना, कंधा प्रत्यारोपण समेत अन्य इलाज भी किया जाता है।
यहां मरीजों का निशुल्क उपचार तो हो रहा है, लेकिन बिहार सरकार की ओर से मरीजों के इलाज में खर्च धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यूपी और अन्य राज्यों के मरीजों के इलाज का भुगतान तो कुछ देरी से हो जा रहा है, लेकिन बिहार के मरीजों का भुगतान चार साल से नहीं हो रहा है।
बीएचयू अस्पताल के भी भुगतान में देरी, दो माह में 673 का इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत बीएचयू अस्पताल में भी भर्ती मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। बिहार निवासी युवक प्रियांशु मिश्रा ने एक आरटीआई में बिहार के मरीजों के आयुष्मान से इलाज की जानकारी मांगी थी। अस्पताल के आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी, राजीव कुमार दूबे की ओर से अस्पताल के सहायक कुलसचिव को 16 जनवरी को एक पत्र भेजा गया था।
इसमें लिखा गया कि अस्पताल में पिछले दो महीने में बिहार के 673 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज हुआ। बिहार सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना से संबंधित भुगतान में अक्सर विलंब होता है। हालांकि, पत्र में यह भी लिखा गया कि मरीजों के इलाज की सुविधा फिलहाल नहीं रोकी गई है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में बिहार के मरीजों के इलाज का भुगतान न होने की जानकारी मिली है। इस बारे में बिहार सरकार से जुड़े जिम्मेदार लोगों को पत्र भेजकर भुगतान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है। - सुनील कुमार बरनवाल, सीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिट
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है। बिहार के मरीजों के इलाज का जो धनराशि बाकी है, उसका भुगतान करने के लिए समय-समय पर जिम्मेदार लोगों को पत्र भेजकर जानकारी दी जाती है। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू