नवरात्र में खरीदारी के तीन खास दिन: 17, 18 और 20 अक्तूबर को शुभ संयोग
शारदीय नवरात्र में 17, 18 और 20 अक्तूबर को खरीदारी और नए कारोबार की शुरुआत के लिए शुभ योग बताए जा रहे हैं। विजयादशमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार वाहन, जमीन-मकान, आभूषण और कारोबार में निवेश के लिए ये दिन विशेष माने जा रहे हैं।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ज्योतिषाचार्य सुभाष पांडेय के अनुसार, इन तिथियों पर बनने वाले शुभ योग आर्थिक गतिविधियों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल हैं। खासकर विजयादशमी यानी 20 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे मनोकामना पूर्ति और कार्यों में सफलता देने वाला योग माना गया है।
नए कारोबार की शुरुआत के लिए शुभ दिन
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, विजयादशमी के दिन नए प्रतिष्ठान, शोरूम, कार्यालय या व्यवसाय का उद्घाटन करना शुभ रहेगा। इस दिन नए काम की शुरुआत के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त रहने की बात कही गई है। वहीं, 17 अक्तूबर को सप्तमी और 18 अक्तूबर को अष्टमी के दिन भी क्रय-विक्रय और व्यावसायिक सौदों के लिए विशेष नक्षत्रों का संयोग बन रहा है।
इन तिथियों पर वाहन, जमीन, मकान, आभूषण समेत कारोबार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जा रहा है। नवरात्र में खरीदारी की परंपरा के चलते बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
इन क्षेत्रों में निवेश को बताया शुभ
नवरात्र में मां भगवती की आराधना के साथ नई संपत्ति और उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी की पुरानी परंपरा रही है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दौरान इन क्षेत्रों में निवेश को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
ऑटोमोबाइल: कार, बाइक और व्यावसायिक वाहनों की खरीदारी को यात्राओं में सुरक्षा, काम में गति और स्थायित्व से जोड़कर देखा जाता है।
रियल एस्टेट: मकान, जमीन, प्लॉट और कॉमर्शियल संपत्ति की खरीदारी को भूमि लाभ और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।
धातु और आभूषण: सोना, चांदी, पीतल और धातुओं से बनी देव प्रतिमाओं की खरीदारी को धन-वैभव और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
उद्योग और व्यवसाय: फैक्टरी की स्थापना, नई मशीनरी खरीदने और कारोबार के विस्तार के लिए भी इन तिथियों को अनुकूल माना जा रहा है।
पूजा-अर्चना के बाद निवेश को फलदायी मान्यता
ज्योतिषाचार्य सुभाष पांडेय के अनुसार, नवरात्र के दौरान आदिशक्ति मां भगवती की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद किया गया निवेश शुभ फल देने वाला माना जाता है। उनका कहना है कि इन विशेष तिथियों पर किए गए नए कार्यों से स्थायित्व और लाभ की संभावना रहती है।
उधर, पूर्वांचल के ऑटोमोबाइल और सर्राफा बाजारों में बुकिंग का सिलसिला तेज होने लगा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि 17, 18 और 20 अक्तूबर को खरीदारी बढ़ने से बाजार में अच्छा कारोबार होगा। त्योहारी सीजन में ग्राहकों की बढ़ती मांग से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।