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Varanasi News: काशी में खुलेगा तीसरा बड़ा अन्नक्षेत्र, शरद पूर्णिमा से श्रद्धालुओं को मिलेगा भोजन-प्रसाद

Fri, 09 Oct 2026 02:01 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:01 AM IST
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Third major Annakshetra (community kitchen) to open in Kashi devotees to receive Bhojan-Prasad starting Sharad Purnima.
वाराणसी। काशी में मां अन्नपूर्णा मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र के बाद अब तीसरे विशाल अन्नक्षेत्र का संचालन शुरू होने जा रहा है। 25 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में इस अन्नक्षेत्र का विधिवत पुनः शुभारंभ किया जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू और भव्य रूप देने के लिए मंदिर प्रांगण में निर्माण व नवीनीकरण कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
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बिंदु माधव न्यास के ट्रस्टी एवं मंदिर के महंत पं. मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि इस अन्नक्षेत्र की शुरुआत पिछले वर्ष की गई थी। हालांकि, कुछ आवश्यक तकनीकी कारणों और व्यवस्थागत सुधारों के चलते बीते तीन महीनों से इसका संचालन स्थगित था। अब सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर से इसे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
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महंत पटवर्धन ने बताया कि नए अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन दोपहर के समय दो घंटे तक भक्तों के लिए भोजन व प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। मंदिर प्रांगण में एक डाइनिंग हॉल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक पंगत में 60 से 70 श्रद्धालु बैठकर एक साथ ससम्मान महाप्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पारंपरिक सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। विश्वनाथ धाम और अन्नपूर्णा मंदिर के बाद पंचगंगा घाट पर अन्नक्षेत्र की यह नई सुविधा गंगा किनारे आने वाले संतों, दर्शनार्थियों और असहाय लोगों के लिए अत्यंत कल्याणकारी सिद्ध होगी।
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श्वेतांबर स्वरूप में सजेंगे बिंदु माधव, खीर व माखन का लगेगा महाभोग
वाराणसी। बिंदु माधव मंदिर में शरद पूर्णिमा पर भगवान बिंदु माधव का अलौकिक श्वेतांबर (श्वेत वस्त्रों व आभूषणों) शृंगार किया जाएगा। धवल चांदनी और श्वेत आभा में प्रभु का यह मनोहारी रूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। भोर में मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके बाद क्रमबद्ध रूप से शृंगार आरती संपन्न होगी। पर्व पर भगवान को पारंपरिक रूप से विशेष खीर और ताजे माखन का महाभोग अर्पित किया जाएगा। शरद पूर्णिमा की पूरी रात चंद्रमा की शीतल रश्मियों तले रखे जाने के बाद, अगले दिन सुबह मंगला दर्शन के दौरान भक्तों में इसी अमृतमयी खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से अमृत बरसता है, जिससे यह खीर-प्रसाद भक्तों के लिए आरोग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस पावन झांकी और अमृत प्रसाद के साक्षी बनने के लिए काशी सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंचगंगा घाट पहुंचेंगे। संवाद
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