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Varanasi: जिले में अब भी 2007 बच्चे हैं कुपोषित, सामान्य श्रेणी में लाने में लगेंगे छह महीने
Mon, 14 Nov 2022 02:42 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 14 Nov 2022 02:42 PM IST
सार
वाराणसी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2007 अति कुपोषित बच्चे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन बच्चों की प्रारंभिक जांच के साथ ही पोष्टिक आहार और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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बच्चे कुपोषण का शिकार।
- फोटो : फाइल
विस्तार
वाराणसी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2007 अति कुपोषित बच्चे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन बच्चों की प्रारंभिक जांच के साथ ही पोष्टिक आहार और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे बच्चों को अगले छह माह में सामान्य श्रेणी में लाने के प्रयास बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से किया जा रहा है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि जिले के 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया है। इसमें लंबाई के अनुसार कम वजन के अति कुपोषित यानि सैम श्रेणी के 2007 और कुपोषित यानि मैम श्रेणी में 12794 बच्चे हैं। इन बच्चों को अगले छह माह में सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इन बच्चों को सर्वप्रथम सामुदायिक केंद्रों में चिकित्सकों को दिखाया जा रहा है तथा उनके परामर्श से पौष्टिक आहार के साथ ही दवाइयां भी दी जा रही हैं। जिन बच्चों का स्वास्थ्य घर पर रह कर नहीं सुधर पा रहा। उन्हें पं. दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय में बनें एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया जाता है।
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वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीएमडी (ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस) उपलब्ध हैं। इससे बच्चों के वजन के साथ ही उनकी लंबाई भी नापी जाती है। इस समय लंबाई के अनुसार वजन को ही मुख्य आधार मानकर बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार का अभियान चल रहा है।
There are still 2007 malnourished children in varanasi district it will take six months to normal range