{"_id":"5a44c24d4f1c1bee6a8b6596","slug":"tatkal-ticket-forgery-case-anil-gupta-sale-software","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तत्काल टिकट धांधली: जौनपुर का अनिल गुप्ता बेचता था सॉफ्टवेयर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तत्काल टिकट धांधली: जौनपुर का अनिल गुप्ता बेचता था सॉफ्टवेयर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:05 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे की वेबसाइट हैक कर ई-टिकटिंग के चल रहे खेल का पर्दाफाश होने के बाद रोज नए खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई ने जब ई-टिकटिंग नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की जांच की तो पता चला कि धांधली का मास्टरमाइंड अजय गर्ग सीबीआई का ही सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर है।
सीबीआई ने अजय गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। अजय गर्ग द्वारा चलाए जा रहे धांधली के इस नेटवर्क में जौनपुर निवासी अनिल गुप्ता उसकी मदद करता था। तत्काल टिकट धांधली में अजय गर्ग अपने करीबी अनिल गुप्ता के जरिए सॉफ्टवेयर की बिक्री करता था।
सीबीआई की जांच में हुए खुलासे के मुताबिक, अनिल पहले मुंबई में ही रहकर इस गोरखधंधे को अंजाम देता था। वह 12 साल बाद पांच महीने पहले ही जौनपुर लौटा था और यहीं रहकर रेलवे टिकट की बुकिंग का काम करने लगा था।
विज्ञापन
उसकी गिरफ्तारी भी जौनपुर से ही हुई है। गर्ग पर्दे के पीछे रहकर काम करता था जबकि अनिल देशभर में एजेंटों को सॉफ्टवेयर मुहैया कराने और उनसे पैसा वसूलने का काम करता था।
विज्ञापन
सीबीआई ने अजय गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। अजय गर्ग द्वारा चलाए जा रहे धांधली के इस नेटवर्क में जौनपुर निवासी अनिल गुप्ता उसकी मदद करता था। तत्काल टिकट धांधली में अजय गर्ग अपने करीबी अनिल गुप्ता के जरिए सॉफ्टवेयर की बिक्री करता था।
विज्ञापन
सीबीआई की जांच में हुए खुलासे के मुताबिक, अनिल पहले मुंबई में ही रहकर इस गोरखधंधे को अंजाम देता था। वह 12 साल बाद पांच महीने पहले ही जौनपुर लौटा था और यहीं रहकर रेलवे टिकट की बुकिंग का काम करने लगा था।
विज्ञापन
उसकी गिरफ्तारी भी जौनपुर से ही हुई है। गर्ग पर्दे के पीछे रहकर काम करता था जबकि अनिल देशभर में एजेंटों को सॉफ्टवेयर मुहैया कराने और उनसे पैसा वसूलने का काम करता था।
जौनपुर से होता था ई-टिकटिंग का खेल
सीबीआई
रेलवे की वेबसाइट हैक कर ई-टिकटिंग का खेल जौनपुर से होता था। रेलवे की वेबसाइट हैंग कर ओलन्दगंज का एक टूर एंड ट्रेवेल्स सेंटर बड़े पैमाने पर ई-टिकट बुक कर देता था। छानबीन हुई तो मामला जौनपुर का निकला। इसकी शिकायत रेलवे मंत्रालय में हुई तो जांच सीबीआई को सौंपी गई।
सीबीआई की करीब 25 लोगों की टीम देश स्तर पर मामले की पड़ताल में जुट गई। सोमवार की शाम टीम जौनपुर पहुंची। योजना के तहत मंगलवार को सुबह 10 बजे से एक साथ शहर एवं ग्रामीण अंचल के दस स्थानों पर छापा पड़ा। दो लोगों को हिरासत में लेकर सीबीआई ने पूछताछ की।
सुराग मिलने पर अनिल गुप्ता गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से सीबीआई ने कंप्यूटर एवं उपकरण बरामद किए। गिरफ्तार जालसाज अनिल गुप्ता जफराबाद के नाथुपुर का निवासी है।
सीबीआई की करीब 25 लोगों की टीम देश स्तर पर मामले की पड़ताल में जुट गई। सोमवार की शाम टीम जौनपुर पहुंची। योजना के तहत मंगलवार को सुबह 10 बजे से एक साथ शहर एवं ग्रामीण अंचल के दस स्थानों पर छापा पड़ा। दो लोगों को हिरासत में लेकर सीबीआई ने पूछताछ की।
सुराग मिलने पर अनिल गुप्ता गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से सीबीआई ने कंप्यूटर एवं उपकरण बरामद किए। गिरफ्तार जालसाज अनिल गुप्ता जफराबाद के नाथुपुर का निवासी है।