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Varanasi News: शास्त्री अस्पताल में ओपीडी से पैथोलॉजी, वार्ड तक बढ़ी निगरानी
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लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर की पैथोलॉजी में सोमवार को महिला मरीज, उसके पति की सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों के साथ विवाद के बाद अब ओपीडी, वार्ड से लेकर पैथोलॉजी तक की निगरानी बढ़ा दी गई है। पैथोलॉजी में कुछ दिन पहले से ही टोकन सिस्टम लागू किया गया है। अब टोकन सिस्टम की व्यवस्था का और कड़ाई से पालन कराने की तैयारी है। इस बीच सीएमएस डॉ. प्रबीर रंजन मिश्रा ने मरीजों से किसी भी तरह की समस्या की जानकारी देने और विवादों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सभी तरह की समस्याओं का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा।
शास्त्री अस्पताल में खून की जांच को लेकर एक महिला मरीज के पति की यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और लैब असिस्टेंट से विवाद हो गया था। मामला हाथापाई तक पहुंचा। घटना में जहां महिला के पति की तहरीर पर लैब असिस्टेंट और सुरक्षा कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं अस्पताल के सीएमएस ने भी मरीज के तीमारदार पर तोड़फोड़ करने, दुर्व्यवहार करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई।
सीएमएस डॉ. प्रबीर रंजन मिश्रा का कहना है कि मरीजों की सहूलियत के लिए ही जांच में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके बाद भी इमरजेंसी परिस्थिति में अगर कोई मरीज आता है तो उसका परिस्थिति के हिसाब से तत्काल जांच कराया जाता है। मरीज और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को चाहिए कि वह व्यवस्था में सहयोग करें। साथ ही सुरक्षा कर्मियों, कर्मचारियों को भी अनुशासन के साथ सेवा करने को कहा गया है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी पहले की तुलना में और अधिक बढ़ा दी गई है।
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शास्त्री अस्पताल में खून की जांच को लेकर एक महिला मरीज के पति की यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और लैब असिस्टेंट से विवाद हो गया था। मामला हाथापाई तक पहुंचा। घटना में जहां महिला के पति की तहरीर पर लैब असिस्टेंट और सुरक्षा कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई। वहीं अस्पताल के सीएमएस ने भी मरीज के तीमारदार पर तोड़फोड़ करने, दुर्व्यवहार करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई।
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सीएमएस डॉ. प्रबीर रंजन मिश्रा का कहना है कि मरीजों की सहूलियत के लिए ही जांच में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके बाद भी इमरजेंसी परिस्थिति में अगर कोई मरीज आता है तो उसका परिस्थिति के हिसाब से तत्काल जांच कराया जाता है। मरीज और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को चाहिए कि वह व्यवस्था में सहयोग करें। साथ ही सुरक्षा कर्मियों, कर्मचारियों को भी अनुशासन के साथ सेवा करने को कहा गया है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी पहले की तुलना में और अधिक बढ़ा दी गई है।
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