सपा ने 300 सीटें जीतने का रखा लक्ष्य: अबू आसिम आजमी बोले- मौजूदा सरकार से जनता नाराज, 2027 में बदलाव चाहती है
महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और 2027 में बदलाव चाहती है। आजमगढ़ के मंगरावां गांव में उन्होंने कहा कि लोग अखिलेश यादव के कार्यकाल को याद करते हैं। उन्होंने सपा के लिए 300 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा।
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महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि लोग आज भी वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल को याद करते हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए 300 सीटें जीतने का लक्ष्य भी रखा।
अबू आसिम आजमी अपने पैतृक गांव मंगरावां में एक मित्र की बहन की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका अपने जिले से गहरा जुड़ाव है। यहां आने पर उन्हें अपने लोगों के बीच होने का एहसास होता है। उन्होंने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और बदलाव की उम्मीद जताई।
किसानों और नौजवानों की आवाज है सपा
आजमी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए भ्रामक सामग्री तैयार किए जाने और राजनीतिक बयानबाजी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मौजूदा दौर की राजनीतिक बयानबाजी को नौटंकी करार दिया। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी किसानों, नौजवानों और उपेक्षित वर्गों के मुद्दों को उठाती है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन वर्गों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए आजमी ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई का इस्तेमाल सत्ता के जरिए लोगों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है।
आजमी ने विश्वास जताया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से नाराज लोग आने वाले समय में सड़कों पर उतरेंगे और प्रदेश में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उनके बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की चुनावी तैयारियों और सरकार के खिलाफ उसके राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।