फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shiv Mahapuran Katha Pandit Pradeep Solution every problem world lakhs of devotees attended

UP : वाराणसी में बोले पंडित प्रदीप- हर समस्या का हल है शिवमहापुराण, लाखों भक्तों का जुटान; CM भी पहुंचेंगे

Mon, 25 Nov 2024 05:34 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 25 Nov 2024 05:34 AM IST
सार

Varanasi News : वाराणसी के डोमरी में आयोजित शिवमहापुराण कथा में लाखों भक्तों का जुटान हो रहा है। सोमवार को सूबे के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचेंगे। कथा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है। 

विज्ञापन
Shiv Mahapuran Katha Pandit Pradeep Solution every problem world lakhs of devotees attended
कथावाचक प्रदीप मिश्र ने सुनाई कथा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कथावाचक पं. प्रदीप मिश्र ने कहा कि संसार में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान शिवमहापुराण की कथा में न हो। शिवमहापुराण कथा कहती है कि मुनष्य को 21600 सांस रोज मिलती है। हर सांस में परमात्मा का नाम लेना शुरू कर दो, हजार साल तपस्या की जरूरत नहीं होगी।

विज्ञापन


वह रविवार को डोमरी स्थित सतुआ बाबा गोशाला में शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिन भगवान शिव की महिमा का वर्णन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब कोई काम न सूझे तो शिव की शरण में चले जाओ। शिव पंचायतन में सूर्य, नारायण, भगवान गणेश, माता भवानी और भगवान शिव स्वयं हैं। जब हम भगवान शिव की अविरल भक्ति को धारण करते हैं, तब भगवान की प्राप्ति कराने के लिए स्वयं सूर्यदेव, नारायण, जगतजननी, मां जगदंबा हमें प्रेरणा प्रदान करते हैं।

विज्ञापन

Shiv Mahapuran Katha Pandit Pradeep Solution every problem world lakhs of devotees attended
श्री सतुआ बाबा गोशाला डोमरी में जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला

भक्ताें का दिखा जमावड़ा
हम गलत रास्ते पर जब बढ़ते हैं तो उसमें आपको कोई नहीं रोकेगा। पर शिवमहापुराण की कथा कहती है कि जब आप सत्संग की ओर बढ़ेंगे, मंदिर और तीर्थ की ओर बढ़ेंगे तो कोई न कोई अड़चन उत्पन्न हो जाती है। जब आप सत्कर्म की ओर आगे बढ़ते हैं तो शिव पंचायत के पांच देव इतना बल उत्पन्न कर देते हैं कि हम सफलता की ओर बढ़ते चले जाते हैं।

शिवमहापुराण की कथा कहती है कि आप जितने भी व्रत-उपवास करिये, उन सभी व्रत का पुण्य कब देना है, कैसे देना है वह केवल भगवान शंकर ही जानते हैं। पं. मिश्र ने कहा कि खूब कमाई करो। लेकिन, ऐसा न हो कि तुम्हारे कमाने में किसी का दिल दुखे। शिवमहापुराण की कथा कहती है कि तुम्हारे घर में धन आने से किसी के ऊपर कोई कष्ट हो रहा है तो ऐसा पैसा मत कमाना। मंच पर संतोष दास, संजय केसरी, संदीप केसरी उपस्थित थे।

भगवान आपका हाथ पकड़े हैं तो सारा संसार अच्छा है
पं. मिश्र ने कहा कि बच्चा पिता का हाथ पकड़ कर मेला घूमने गया है तो मेला अच्छा लगता है। लेकिन, चलते-चलते यदि हाथ कहीं छूट गया तो क्या उसे अच्छा लगेगा। अपने पिता से मिलने की तड़प उसको विचलित कर देगी। सारे उत्साह पिता के हाथ छूट जाने के बाद समाप्त हो जाएंगे। मेला बेकार लगने लगेगा इसलिए जब हम शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाते हैं तो हमारे पिता हमारा हाथ पकड़े रहते हैं। भोले शंकर हाथ पकड़े रहते हैं। कथा के अंत में भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और कार्तिक जी की झांकी के साथ कथा की आरती हुई।

महाराष्ट्र की जनता को दी बधाई
कथावाचक पं. प्रदीप मिश्र ने व्यासपीठ से महाराष्ट्र की जीत पर वहां की जनता को बधाई दी। संपूर्ण महाराष्ट्र को सनातन के जीत पर बधाई देते हुए कहा कि आपने संपूर्ण महाराष्ट्र को भगवामय कर दिया है। संपूर्ण महाराष्ट्रवासियों को बधाई जिन्होंने सनातन धर्म को मजबूत किया है।

गंगा पार कुंभ जैसी भीड़, पांचवें दिन 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए
महाश्मशान के सामने गंगा पार रेती पर कुंभ जैसा नजारा हर सुबह देखने को मिल रहा है। डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु शिवमहापुराण की कथा से पहले रोज गंगा स्नान कर रहे हैं। रविवार को चार लाख से ज्यादा श्रद्धालु शिवमहापुराण की कथा में शामिल हुए। कथा स्थल पर दो किलोमीटर के दायरे में बाजार भी सजा हुआ है। वहीं गंगा के तट पर देश भर के अलग-अलग राज्यों से आई हुईं महिलाओं ने रेत के छोटे छोटे घर भी बनाए हैं। महिलाओं ने बताया कि हम यह घर बनाएंगे तो बाबा हमारी मन्नत पूर्ण करेंगे और जल्द ही हमें एक घर प्रदान करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed