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वाराणसी: छह को आजीवन कारावास की सजा
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ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के दो मामलों में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10 साल पूर्व भदोही और सुरियावां थानाक्षेत्र के दो अलग-अलग गांव में हुई घटना के दौरान महिला समेत दो की मौत हो गई थी।
सुरियावां थानाक्षेत्र के चकगुमानी निवासी शेषमणि गौतम ने आरोप लगाया था कि 31 अगस्त 2013 को उसकी मां हीरावती देवी और सुरसत्ती देवी में पानी ले जाने को लेकर विवाद हो गया। उसी रंजिश को लेकर लालचंद्र, राजमणि, राम लोलारख व मदनू उसके दरवाजे पर चढ़कर उसे मारने लगे। मां के चिल्लाने पर उसका गला दबाकर मार डाला। मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। इसी तरह भदोही कोतवाली के डुड़वा धरमपुर निवासी मंगरू पुत्र नान्हू राम ने आरोप लगाया था कि उसका लड़का 22 जून 2013 को शाम पांच बजे मजदूरी करने गया था। मोढ़ बाजार डीघ के यदुवंश पांडेय के दोनों लड़कों ने सामान लादने को लेकर विवाद कर लिया और मारपीट कर घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों के तर्क और बहस सुनने के बाद न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने दोषी यदुवंश पांडेय, अभिषेक पांडेय, दूसरे मामले में लालचंद्र राजमणि, राम लोलारख, मदनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जानलेवा हमले में चार को सात साल कारावास
ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलोज चंद्रा की अदालत ने जानलेवा हमले के चार दोषियों को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वादी चौरी थानाक्षेत्र के दरूनहा गांव निवासी माता प्रसाद ने आरोप लगाया था कि सात अगस्त 2011 को महेश चौहान, दीनानाथ चौहान, दशरथ चौहान और धनरा देवी ने जानलेवा हमला कर परिवार के कई सदस्यों को घायल कर दिया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां न्यायाधीश ने चारों को सात साल कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने किया।
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सुरियावां थानाक्षेत्र के चकगुमानी निवासी शेषमणि गौतम ने आरोप लगाया था कि 31 अगस्त 2013 को उसकी मां हीरावती देवी और सुरसत्ती देवी में पानी ले जाने को लेकर विवाद हो गया। उसी रंजिश को लेकर लालचंद्र, राजमणि, राम लोलारख व मदनू उसके दरवाजे पर चढ़कर उसे मारने लगे। मां के चिल्लाने पर उसका गला दबाकर मार डाला। मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। इसी तरह भदोही कोतवाली के डुड़वा धरमपुर निवासी मंगरू पुत्र नान्हू राम ने आरोप लगाया था कि उसका लड़का 22 जून 2013 को शाम पांच बजे मजदूरी करने गया था। मोढ़ बाजार डीघ के यदुवंश पांडेय के दोनों लड़कों ने सामान लादने को लेकर विवाद कर लिया और मारपीट कर घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों के तर्क और बहस सुनने के बाद न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने दोषी यदुवंश पांडेय, अभिषेक पांडेय, दूसरे मामले में लालचंद्र राजमणि, राम लोलारख, मदनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जानलेवा हमले में चार को सात साल कारावास
ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलोज चंद्रा की अदालत ने जानलेवा हमले के चार दोषियों को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वादी चौरी थानाक्षेत्र के दरूनहा गांव निवासी माता प्रसाद ने आरोप लगाया था कि सात अगस्त 2011 को महेश चौहान, दीनानाथ चौहान, दशरथ चौहान और धनरा देवी ने जानलेवा हमला कर परिवार के कई सदस्यों को घायल कर दिया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां न्यायाधीश ने चारों को सात साल कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने किया।
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