काशी विश्वनाथ धाम: वैश्विक स्तर पर भव्य स्वरूप में नजर आएगा बाबा दरबार, 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा काम
श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए विस्तारीकरण का काम अब पूरा होने की ओर अग्रसर है। फिलहाल धाम का 80 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसका लोकार्पण 15 दिसंबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिलहाल धाम का 80 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। श्री काशी विश्वनाथ धाम का काम 15 दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। धाम में स्वीकृत 24 भवनों का काम भी लगभग पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए चार प्रवेश द्वार बनाए जा चुके हैं। तीन यात्री सुविधा केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है।
गंगा तट से जुड़ा बाबा का दरबार
इसके अलावा मंदिर चौक, मुमुक्षु भवन, सिटी म्यूजियम, वाराणसी गैलरी, यात्री सुविधा केंद्र, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, वैदिक भवन, जलपान केंद्र, अन्न क्षेत्र और दुकानें भी बनकर तैयार हैं। काशी विश्वनाथ का दरबार अब सीधे गंगा तट से जुड़ चुका है। धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान करके सीधे मंदिर क्षेत्र में आ सकेंगे।
पढ़ेंः काशी विश्वनाथ धाम में रानी भवानी उत्तरी गेट के पास विराजेंगी मां अन्नपूर्णा, सीएम योगी करेंगे प्राणप्रतिष्ठा
सात तरह के पत्थरों से दिया जा रहा भव्य रूप, 2200 मजदूर लगातार कर रहे काम
मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ तैयार किया गया है। काशी विश्वनाथ धाम को सात तरह के पत्थरों से भव्य रूप दिया जा रहा है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि कॉरिडोर में अब सुंदरीकरण का कार्य ही शेष है। 22 सौ मजदूर वर्तमान समय में लगातार काम कर रहे हैं। काम पूरा हो जाने के बाद श्रद्धालु कॉरिडोर के बाहरी हिस्से पर बने टैरेस पर खड़े होकर गंगा के साथ ही मणिकर्णिका और ललिता घाट को भी देख सकेंगे।
पढ़ेंः महाआरती के बाद एक वर्ष के लिए बंद हुए स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के कपाट
यहां जानें कहा तक पहुंचा निर्माण कार्य
- काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का सड़क मार्ग से मुख्य प्रवेश द्वार गोदौलिया गेट बनकर तैयार हो चुका है।
- श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर मुख्य परिसर का पूर्वी द्वार तैयार हो चुका है।
- मंदिर चौक पर चुनार के पत्थरों का काम पूरा हो चुका है।
- कॉरिडोर के म्यूजियम में बाबा दरबार का इतिहास ही नहीं पौराणिक महत्व भी होगा संरक्षित।
- परिसर का मंदिर चौक, कॉरिडोर में सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसमें श्रद्धालु सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसमें ही बनारस गैलरी होगी जहां बनारस से संबंधित हस्तशिल्प और साहित्य उपलब्ध होंगे।
- गंगा छोर पर बनेगा मणिकर्णिका गेट और दिव्यांग व वृद्धजन के लिए रैंप।