श्रेया हत्याकांड: आरोपी के पिता की जमानत अर्जी खारिज, घर से निकली छात्रा की मिली थी लाश; 18 अगस्त का मामला
जिले के राजातालाब क्षेत्र में श्रेया उपाध्याय हत्याकांड के आरोपी विवेक चौबे के पिता राम सहाय चौबे की प्रथम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। श्रेया का शव 20 अगस्त को किराये के कमरे में मिला था। पोस्टमार्टम में गर्दन समेत शरीर पर चोटें मिली थीं। राम सहाय को 27 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
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राजातालाब थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में आरोपी विवेक चौबे के पिता राम सहाय चौबे को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी प्रथम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज गुप्ता ने पक्ष रखा। अदालत ने अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, सुनील कुमार उपाध्याय की बेटी श्रेया 18 अगस्त 2026 की सुबह विद्यालय जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। 20 अगस्त को बच्छाव पश्चिम पुरा में पानी की टंकी के पास स्थित एक मकान के कमरे से उसका शव बरामद हुआ। इस कमरे में विवेक चौबे किराये पर रहता था।
दम घुटने को मृत्यु का कारण बताया गया था
मृतका की मां रीता देवी ने आरोप लगाया कि राम सहाय चौबे धन के लालच में अपने बेटे विवेक की शादी श्रेया से कराना चाहते थे। विरोध करने पर कथित साजिश के तहत विवेक और उसके साथी के माध्यम से श्रेया को वहां बुलाया गया और उसकी हत्या करा दी गई। वादी सुनील कुमार उपाध्याय ने भी अपने बयान में अभियोजन के आरोपों का समर्थन किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्रेया की गर्दन के दाहिने हिस्से पर धारदार वस्तु से 17 सेंटीमीटर लंबा घाव मिलने का उल्लेख है। पेट समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटों के निशान पाए गए थे। चिकित्सक ने अत्यधिक रक्तस्राव से हुए हेमरेजिक शॉक और दम घुटने को मृत्यु का कारण बताया।
पुलिस ने राम सहाय चौबे को 27 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी ओर से अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्रथम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस फैसले से आरोपी को फिलहाल जमानत नहीं मिल सकी है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।