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आयुर्वेद में भारत और श्रीलंका के शोध प्रभावी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 18 Dec 2016 05:08 PM IST
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दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
- फोटो : प्रतिकात्मक फोटो
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महिमा रिसर्च फाउंडेशन एंड सोशल वेलफेयर करौंदी की ओर से कृषि विज्ञान संस्थान में ‘औषधीय पौधों और जीवन शैली की बीमारियों का प्रबंधन’ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ शनिवार को हुआ।
विशिष्ट अतिथि कोलंबो विश्वविद्यालय, श्रीलंका की डॉ. एसडी हापुआराची ने कहा कि भारत और श्रीलंका में मेडिसिनल प्लांट में जो भी शोध हो रहे हैं, प्रभावी हैं।
मुख्य अतिथि तलवार रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक प्रो. जीपी तलवार ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार हर तीसरी महिला ल्यूकोरिया की शिकार है।
इस रोग में नीम, आंवला, एलोवेरा और हल्दी के मिश्रण का सेवन लाभप्रद साबित हुआ है। अध्यक्षता प्रो. केएन द्विवेदी ने की। इस अवसर पर बीएचयू के प्रो. केएन द्विवेदी और प्रो. जेएस त्रिपाठी को महिमा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2016 से नवाजा गया।
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वहीं डॉ. एसडी हापुआराची श्रीलंका और प्रो. अनिल कुमार शुक्ला को महिमा आयुर्वेदिक एक्सीलेंस साइंटिस्ट अवार्ड, प्रो. आरके सिंह को महिमा एग्रीकल्चरल एक्सीलेंस साइंटिस्ट अवार्ड और डॉ. पीएस व्याडगी को यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया। स्वागत फाउंडेशन के सचिव रत्नेश कुमार राव ने किया।
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विशिष्ट अतिथि कोलंबो विश्वविद्यालय, श्रीलंका की डॉ. एसडी हापुआराची ने कहा कि भारत और श्रीलंका में मेडिसिनल प्लांट में जो भी शोध हो रहे हैं, प्रभावी हैं।
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मुख्य अतिथि तलवार रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक प्रो. जीपी तलवार ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार हर तीसरी महिला ल्यूकोरिया की शिकार है।
इस रोग में नीम, आंवला, एलोवेरा और हल्दी के मिश्रण का सेवन लाभप्रद साबित हुआ है। अध्यक्षता प्रो. केएन द्विवेदी ने की। इस अवसर पर बीएचयू के प्रो. केएन द्विवेदी और प्रो. जेएस त्रिपाठी को महिमा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2016 से नवाजा गया।
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वहीं डॉ. एसडी हापुआराची श्रीलंका और प्रो. अनिल कुमार शुक्ला को महिमा आयुर्वेदिक एक्सीलेंस साइंटिस्ट अवार्ड, प्रो. आरके सिंह को महिमा एग्रीकल्चरल एक्सीलेंस साइंटिस्ट अवार्ड और डॉ. पीएस व्याडगी को यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया। स्वागत फाउंडेशन के सचिव रत्नेश कुमार राव ने किया।