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भारत रत्न के पौत्र की घर वापसी के लिए ममता बनर्जी से गुहार
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भारत रत्न के पौत्र की घर वापसी के लिए ममता बनर्जी से गुहार
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पौत्र पिछले 45 दिनों से कोलकाता में फंसे हैं। उन्हें वापस लाने के लिए उनकी पत्नी नाहिद जहरा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। नाहिद जहरा ने बताया कि उनके पति नासिर अब्बास अपने मामा के ईसाले सवाब में शामिल होने 19 मार्च को कोलकाता आए थे।
इसी दौरान लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गए। उनके तीन बच्चे हैं, जो अभी छोटे हैं। परिवार की देखभाल के लिए कोई नहीं है। उन्होंने इसके पहले जिला प्रशासन से भी गुजारिश की थी लेकिन ठोस पहल नहीं होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। कहा है कि उनके पति को पर्यटकों, प्रवासी मजदूरों या छात्रों की तरह ही भेज दिया जाए। यहां आने पर वो अपनी जांच भी कराएंगे और जरूरत पड़ी तो 14 दिन मेडिकल क्वारंटाइन में भी बिताएंगे। उनके वापस आ जाने से परिवार को आत्मबल मिलेगा। परिवार के सदस्यों ने बताया कि जिला प्रशासन के मशविरे के बाद बंगाल की सीएम को पत्र लिखा गया है। मदद के लिए हमने ट्वीट भी किए हैं और सोशल साइट्स पर अभियान भी चलाया है।
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भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पौत्र पिछले 45 दिनों से कोलकाता में फंसे हैं। उन्हें वापस लाने के लिए उनकी पत्नी नाहिद जहरा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। नाहिद जहरा ने बताया कि उनके पति नासिर अब्बास अपने मामा के ईसाले सवाब में शामिल होने 19 मार्च को कोलकाता आए थे।
इसी दौरान लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गए। उनके तीन बच्चे हैं, जो अभी छोटे हैं। परिवार की देखभाल के लिए कोई नहीं है। उन्होंने इसके पहले जिला प्रशासन से भी गुजारिश की थी लेकिन ठोस पहल नहीं होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। कहा है कि उनके पति को पर्यटकों, प्रवासी मजदूरों या छात्रों की तरह ही भेज दिया जाए। यहां आने पर वो अपनी जांच भी कराएंगे और जरूरत पड़ी तो 14 दिन मेडिकल क्वारंटाइन में भी बिताएंगे। उनके वापस आ जाने से परिवार को आत्मबल मिलेगा। परिवार के सदस्यों ने बताया कि जिला प्रशासन के मशविरे के बाद बंगाल की सीएम को पत्र लिखा गया है। मदद के लिए हमने ट्वीट भी किए हैं और सोशल साइट्स पर अभियान भी चलाया है।
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