{"_id":"5d38bb928ebc3e6cc768a646","slug":"ralway-varanasi-news-vns47455206","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में हस्ताक्षर अभियान, शाम को निकाला विरोध जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में हस्ताक्षर अभियान, शाम को निकाला विरोध जुलूस
विज्ञापन
वाराणसी। लोको ए ब्लॉक डिवीजन व प्रशासन भवन में बुधवार को भी हस्ताक्षर अभियान जारी रहा। हस्ताक्षर करने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के प्रति गहरा रोष भी प्रकट किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार जिस तरीके से निगमीकरण की तरफ बढ़ रही है उससे राष्ट्र का नुकसान होगा। निगमीकरण में राष्ट्रहित की बात कहीं नहीं नजर आती। जबकि कर्मचारी पहले राष्ट्रहित की बात करता है उसके बाद उद्योग और फि र मजदूर हित की।
शाम को कारखाना के पूर्वी गेट पर हजारों कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रशासन भवन तक निगमीकरण के विरोध में हाथों में काले झंडे व तख्तियों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि सरकार जिस तरीके से निगमीकरण करने पर तुली है उससे आम लोगों का ही नुकसान होगा। कर्मचारी परिषद सदस्य प्रदीप यादव ने कहा कि आम आदमी को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही हैं। कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा कि पहले सरकार चीनी मिल, सीमेंट फैक्ट्री चलाती थी, परंतु उनका भी निगमीकरण कर दिया गया और उसके बाद निजी हाथों में बेच दिया गया। कर्मचारी परिषद के सदस्य आलोक वर्मा ने कहा कि उत्कृष्ट संस्थानों का निगमीकरण करना कहीं से भी उचित नहीं है।
सभा को सदस्य कर्मचारी परिषद अजीमुल हक, मजदूर संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन तिवारी, रेल मजदूर यूनियन के राजेंद्र पाल, मेंस यूनियन के अरविंद श्रीवास्तव, मेंस कांग्रेस के राजेश कुमार, ओबीसी एसोसिएशन के हरिशंकर यादव, सरदार सिंह ने विचार रखे। इस दौरान सुशील सिंह, शशिभूषण तिवारी, अमित सिंह, सौरव सिंह, अखिलेश राय, रोहित अलमदी, दीपक पटेल, जगमोहन मीणा, हरेंद्र कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार, अशोक यादव, कौशल चौरसिया, डीएन भट्ट, रवि शंकर सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाम को कारखाना के पूर्वी गेट पर हजारों कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रशासन भवन तक निगमीकरण के विरोध में हाथों में काले झंडे व तख्तियों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि सरकार जिस तरीके से निगमीकरण करने पर तुली है उससे आम लोगों का ही नुकसान होगा। कर्मचारी परिषद सदस्य प्रदीप यादव ने कहा कि आम आदमी को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही हैं। कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा कि पहले सरकार चीनी मिल, सीमेंट फैक्ट्री चलाती थी, परंतु उनका भी निगमीकरण कर दिया गया और उसके बाद निजी हाथों में बेच दिया गया। कर्मचारी परिषद के सदस्य आलोक वर्मा ने कहा कि उत्कृष्ट संस्थानों का निगमीकरण करना कहीं से भी उचित नहीं है।
विज्ञापन
सभा को सदस्य कर्मचारी परिषद अजीमुल हक, मजदूर संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन तिवारी, रेल मजदूर यूनियन के राजेंद्र पाल, मेंस यूनियन के अरविंद श्रीवास्तव, मेंस कांग्रेस के राजेश कुमार, ओबीसी एसोसिएशन के हरिशंकर यादव, सरदार सिंह ने विचार रखे। इस दौरान सुशील सिंह, शशिभूषण तिवारी, अमित सिंह, सौरव सिंह, अखिलेश राय, रोहित अलमदी, दीपक पटेल, जगमोहन मीणा, हरेंद्र कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार, अशोक यादव, कौशल चौरसिया, डीएन भट्ट, रवि शंकर सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन