रेल मदद: पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल ने ट्रेनों, रेलवे परिसरों में धूम्रपान पर सख्ती बढ़ाई; होगी ये कार्रवाई
Varanasi News: पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान पर सख्ती बढ़ाते हुए यात्रियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। रेलवे अधिनियम के तहत धूम्रपान दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। शिकायत के लिए 139 हेल्पलाइन और रेल मदद ऐप का उपयोग किया जा सकता है।
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पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में धूम्रपान पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू होने की जानकारी दोहराई है। मंडल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि रेल यात्रा के दौरान धूम्रपान न करें और न ही किसी अन्य यात्री को ऐसा करने दें। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में सिगरेट या बीड़ी पीने से निकलने वाली छोटी चिनगारी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती है, जिससे यात्रियों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि बंद डिब्बों में धुएं के कारण महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित यात्रियों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी कारण रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत रेल परिसर और ट्रेनों में धूम्रपान को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर दोषी यात्री पर 500 रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की कैद हो सकती है।
पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। यदि कोई व्यक्ति ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान करता दिखाई दे तो यात्री पहले उसे विनम्रता से मना कर सकते हैं। इसके बाद भी वह नहीं मानता तो तुरंत टीटीई, कोच अटेंडेंट या रेलवे कर्मचारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
जरूरत पड़ने पर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा भारतीय रेलवे के आधिकारिक रेल मदद ऐप और पोर्टल के माध्यम से भी धूम्रपान से जुड़ी शिकायतें आसानी से दर्ज कराई जा सकती हैं।
जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि नियमों का पालन करने से यात्रा सुरक्षित रहती है, आग लगने का खतरा कम होता है और सभी यात्रियों को स्वच्छ एवं आरामदायक वातावरण मिल पाता है।