आईएसआई एजेंट ने फेसबुक पर इस तरह जताया था पाकिस्तान के लिए प्यार, लिखी थी ये बातें
फेसबुक सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर राशिद अहमद पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति जताता रहता था। राशिद को जानने वालों ने बताया कि अगस्त 2017 में उसने फेसबुक पर ‘आई लव माई पाकिस्तान’ पोस्ट किया था। वह व्हाट्स एप पर भी धर्म संबंधी भड़काऊ मैसेज और वीडियो फारवर्ड करता था। इन तथ्यों के आधार पर राशिद के सोशल मीडिया एकाउंट और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
राशिद ने अपनी फेसबुक वॉल पर प्रधानमंत्री को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। उसने 16 जुलाई 2017 को एक पोस्ट में ‘वेलकम टू पाकिस्तान’ लिखा था। वहां से लौटने के बाद 15 अक्तूबर 2017 को ‘शुक्रिया पाकिस्तान’ लिखा।
उसके फेसबुक वॉल पर पाकिस्तान से लगाव की कई बातें लिखी थीं। अपनी फेसबुक वॉल पर प्रधानमंत्री की गोबर से सनी तस्वीर भी साझा की। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई क्या कर रही थी।
प्रह्लाद घाट निवासी जब्बार 20 साल पहले आकर बसे थे चौरहट
राशिद अहमद चौरहट में अपने नाना जब्बार(70) के यहां मां शहजादी के साथ रहता था। जब्बार मूल रूप से वाराणसी के प्रह्लाद घाट क्षेत्र के रहने वाले हैं। बीस साल पहले वह चंदौली के चौरहट में बसे थे। उनके दो बेटे और पांच बेटियां हैं।
बेटे शमशीर और आलमगीर चौरहट में रहते हैं। सबसे बड़ी बेटी हसीना पाकिस्तान के कराची में अपने परिवार के साथ रहती है। दूसरे नंबर की बेटी शहजादी पति से तलाक के बाद बेटे राशिद के साथ यहीं रह रही है। तीसरी नंबर की बेटी शबनम और पांचवें नंबर की बेटी शबीना की शादी मारवाड़ के पाली (राजस्थान) में हुई है।
चौथे नंबर की बेटी शानू पास के गांव में रहती है। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। परिवार वालों ने बताया कि कभी-कभी पाकिस्तान से उसकी मौसी का फोन आता था और वह उन्हीं से बात करता था।
बस से आए थे लोग एयरपोर्ट तक छोड़ने
राशिद की मां शहजादी के अनुसार, वह दो बार उसकी बहन की बेटी की शादी में शामिल होने गया था। उसके साथ वह भी गई थीं। वहां उसे काफी प्यार-दुलार मिला। लोग उसे बहुत मानते थे। घर लौटते समय लोग उसे बस से एयरपोर्ट तक छोड़ने आए थे। लेकिन इसके पीछे क्या चल रहा था, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह तो शादी में शामिल होने के बाद लौट आई थीं। बेटा इस तरह का काम करेगा, यह जानकर पूरा परिवार सदमे में है।