नीलगिरी इंफ्रासिटी मामला: जानें कैसे खड़ा किया इतना बड़ा कारोबार, झारखंड की युवती से की लव मैरिज, फिर पत्नी को बनाया एमडी
नीलगिरी इंफ्रासिटी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर विकास सिंह, एमडी व पत्नी ऋतु सिंह, मैनेजर प्रदीप यादव को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। दस साल पहले चेतगंज के काली महल में टूर एंड ट्रेवेल्स व साइबर कैफे चलाता था। नेटवर्किंग कंपनी स्पीक एशिया से जुड़कर उसने काफी पैसा कमाया था और लोगों का निवेश कराया था।
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नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह के इतिहास को भी पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में सामने आया कि विकास सिंह दस साल पहले चेतगंज स्थित काली महल सराय गोवर्धन में मोबाइल व टूर एंड ट्रेवेल्स का काम करता था। इस दौरान उसने नेटवर्किंग कंपनी स्पीक एशिया में लोगों को जोड़कर धन अर्जित किया और जमीन के कारोबार में उतर आया। खुद की कंपनी 2014 में रजिस्टर्ड कराई और पहला प्रोजेक्ट पड़ाव में शुरू किया। इसके बाद धोखाधड़ी के बल पर संपत्ति अर्जित की।
झारखंड की रहने वाली ऋतु सिंह से लव मैरिज करने के बाद दोनों कंपनी में सीएमडी और एमडी बन गए। सबसे भरोसेमंद कंपनी का मैनेजर प्रदीप यादव ही पैसों का लेनदेन करता था। काली महल स्थित घर से निकलकर पति और पत्नी ने अपना आशियाना महमूरगंज में बनाया।
नोटबंदी के दौरान मलदहिया सहित अन्य कई जगहों पर प्लाट लग्जरी गाड़ियां खरीदी। लखनऊ, नोएडा, गुड़गांव में भी उसने कारोबार शुरू किया। विकास सिंह का अर्दली बाजार में ब्रांडेड कपड़े का शोरूम है। वहीं महमूरगंज में रेस्टोरेंट भी खोला था। हालांकि कुछ माह पूर्व ही वह रेस्टोरेंट बंद हो चुका है।
दो दिन में 22 मुकदमे हुए दर्ज
नीलगिरी इंफ्रासिटी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर विकास सिंह, एमडी व पत्नी ऋतु सिंह, मैनेजर प्रदीप यादव को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। वहीं इस मामले में नामजद आरोपी आफसा, संजय प्रजापति, अमित जायसवाल, पीयूष बरनवाल और अर्चना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
कंपनी के सीएमडी, एमडी अन्य पर चेतगंज थाने में सोमवार को पंद्रह और मंगलवार को 7 मुकदमे दर्ज हुए। दो दिन में अब तक 22 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि कंपनी ने दो करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। पुलिस जल्द ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करेगी।