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BHU Hospital: एसएसबी की ओपीडी, भर्ती के लिए अस्पताल में लाइन लगाते हैं मरीज; पढ़ें- क्या है पूरा मामला
Fri, 07 Feb 2025 03:13 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 07 Feb 2025 03:13 PM IST
सार
बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में हर दिन दो हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी चलती है, लेकिन पर्चा काउंटर नहीं है। ऐसे में ओपीडी, भर्ती के लिए मरीजों को अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में मरीजों की भीड़।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में गंभीर मरीजों के लिए ओपीडी तो चलाई जा रही है, लेकिन पर्चा कटवाने के लिए अस्पताल में जाकर लाइन लगानी पड़ती है। एसएसबी में ओपीडी के मरीजों के लिए न तो कोई पर्चा काउंटर है और न ही भर्ती का कागज बन पाता है। एसएसबी में रोज दो हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। ऐसे में ओपीडी, भर्ती के लिए मरीजों को अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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एसएसबी में कैंसर के मरीजों के लिए सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग की ओपीडी चलती है। मधुमेह के लिए इंडोक्राइनोलॉजी, किडनी संबंधी बीमारी के लिए यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी भी यहीं पर है।
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गैस्ट्रोलॉजी की ओपीडी भी एसएसबी में ही है। इन ओपीडी को मिलाकर हर दिन वाराणसी और आसपास के जिलों, बिहार तक से करीब दो हजार से अधिक मरीज डॉक्टर को दिखाने आते हैं। यहां पर्चा न बनने की वजह से मरीजों को यहां से दूर जाकर अस्पताल में बने ओपीडी पर्चा काउंटर पर लाइन में लगकर पर्चा कटाना पड़ता है। इसके बाद मरीज यहां आकर ओपीडी में नंबर लगाकर किसी तरह डॉक्टर को दिखाते हैं।
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अगर डॉक्टर किसी मरीज को भर्ती करने को लिख दें तो भी मरीज और उनके परिजनों के सामने नयी समस्या भर्ती का कागज बनवाने की रहती है। एसएसबी के बाहर एक काउंटर है तो वहां स्लिप लगाया गया है कि ओपीडी, भर्ती का पर्चा अस्पताल में 101 नंबर पर कमरे में बनता है। लिहाजा मरीज, तीमारदार अस्पताल तक का चक्कर लगाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
क्या बोले अधिकारी
मरीजों को सुविधा के लिए एसएसबी में ही ओपीडी का पर्चा बनवाने और भर्ती का पेपर बनवाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। यहां एक काउंटर इसके लिए शुरू किया जाएगा। -प्रो.एसएन संखवार, निदेशक आईएमएस बीएचयू