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Varanasi: ज्ञानवापी मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर 27 अक्तूबर को आएगा आदेश
Fri, 13 Oct 2023 09:20 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 13 Oct 2023 09:20 PM IST
सार
काशी विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग को नुकसान पहुंचा कर हिंदुओं की भावना भड़काने और शिवलिंग के ऊपरी भाग में सीमेंटनुमा पदार्थ जमाकर उसे फव्वारे का रूप देने का प्रयास के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अदालत में शुक्रवार को बहस हुई।
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वाराणसी कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग को नुकसान पहुंचा कर हिंदुओं की भावना भड़काने और शिवलिंग के ऊपरी भाग में सीमेंटनुमा पदार्थ जमाकर उसे फव्वारे का रूप देने का प्रयास के मामले में एफआईआर दर्ज करने के दाखिल प्रार्थना पत्र पर स्पेशल सीजेएम शिखा यादव की अदालत में शुक्रवार को बहस हुई। अदालत ने बहस सुनने के बाद प्रार्थना पत्र पर आदेश के लिए 27 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
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भेलूपुर थाना के बजरडीहा निवासी विवेक सोनी और चितईपुर के जयध्वज श्रीवास्तव ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। अधिवक्ता देशरत्न श्रीवास्तव और नित्यानंद राय ने शुक्रवार को अदालत में बहस की। कोर्ट को बताया कि विश्वनाथ मंदिर अनादि काल से काशी में है।
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ज्योतिर्लिंग को प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थापित किया गया था। जो जीवित स्वरूप में है और उसका कभी विध्वंस नहीं हुआ। मात्र मंदिर के स्वरूप को क्षतिग्रस्त किया गया था। मंदिर के मलबे से ही मस्जिद के भवन का स्वरूप बनाया गया। ज्योतिर्लिंग अपने स्थान पर कायम रहा। कुछ अज्ञात लोगों ने ज्योतिर्लिंग को कूप बनाकर ढकने के बाद एक पोखरी का निर्माण कर वजू का स्थान गलत तरीके से बना दिया।
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काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग को नुकसान पहुंचा कर हिंदुओं की भावना भड़काने और शिवलिंग के ऊपरी भाग में सीमेंटनुमा पदार्थ जमाकर उसे ड्रिल मशीन से छेद कर फव्वारे का रूप देने का प्रयास किया गया। घटना की सूचना तीन जनवरी 2023 को पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।