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जुलूस-ए-मोहम्मदी: 15 किलोमीटर लंबे जुलूस में शामिल हुए एक लाख लोग, शानो-शौकत के साथ निकला जुलूस
Tue, 17 Sep 2024 06:45 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 17 Sep 2024 06:45 AM IST
सार
वाराणसी में सोमवार को 15 किलोमीटर लंबे जुलूस में एक लाख लोग शामिल हुए। इस दौरान सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा... की सदाएं गूंजी। जुलूस शानो-शौकत के साथ शहर से गांव तक निकला।
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जुलूस में शामिल लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा, जरा जोर से बोलो मरहबा, दिल खोलकर बोलो मरहबा... की सदाएं सोमवार को काशी की सड़कों पर गूंज उठीं। हजरत मोहम्मद की यौमे विलादत पर रेवड़ी तालाब से जुलूस-ए-मोहम्मदी अपनी पूरी शानो-शौकत से निकला। लकदक कुर्ता-पायजामे और रंग बिरंगी टोपियों और साफे में सजे बच्चे, बुजुर्ग और नौजवानों का जोश देखते बना। तकरीबन 15 किलोमीटर लंबा जुलूस में एक लाख के करीब लोग पूरी अकीदत से शामिल हुए।
सोमवार को ईद मिलादुन्नबी (पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) के जन्मदिन पर निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी में आपसी सद्भाव और देशप्रेम का जज्बा भी देखने को मिला। जुलूस में हिंदू भाइयों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग किया। हाथों में इस्लामिक और तिरंगा झंडा था तो लबों पर सरकार की आमद मरहबा...और नार-ए-तकबीर व नारे रिसालत की सदाएं बुलंद हो रही थीं।
रेवड़ी तालाब मैदान से सुबह 7.30 बजे काजी-ए-शहर मौलाना जमील अहमद की कयादत में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी भेलूपुर, रविंद्रपुरी, शिवाला, गौरीगंज, मदनपुरा, गौदोलिया, मैदागिन, कबीरचौरा होते बेनियाबाग पहुंचा। यहां से गिरजाघर, रामापुरा होते हुए पुन: रेवड़ी तालाब मैदान में सलात-ओ-सलाम के साथ जुलूस पूरा हुआ। काजी-ए-शहर ने मुल्क की तरक्की, अमन चैन के लिए दुआ की। इस जुलूस में शहर की तमाम अंजुमनों ने हिस्सा लिया।
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उधर, बेनियाबाग मैदान में मौलाना अब्दुल हादी खान हबीबी की सदारत में जलसा हुआ। संचालन मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने किया। तकरीर में पैगंबर साहब के जीवन के बारे में बताया गया और उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलने की बात कही गई। शुक्रिया अबु जफर रिजवी ने अदा किया।
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सोमवार को ईद मिलादुन्नबी (पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) के जन्मदिन पर निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी में आपसी सद्भाव और देशप्रेम का जज्बा भी देखने को मिला। जुलूस में हिंदू भाइयों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग किया। हाथों में इस्लामिक और तिरंगा झंडा था तो लबों पर सरकार की आमद मरहबा...और नार-ए-तकबीर व नारे रिसालत की सदाएं बुलंद हो रही थीं।
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रेवड़ी तालाब मैदान से सुबह 7.30 बजे काजी-ए-शहर मौलाना जमील अहमद की कयादत में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी भेलूपुर, रविंद्रपुरी, शिवाला, गौरीगंज, मदनपुरा, गौदोलिया, मैदागिन, कबीरचौरा होते बेनियाबाग पहुंचा। यहां से गिरजाघर, रामापुरा होते हुए पुन: रेवड़ी तालाब मैदान में सलात-ओ-सलाम के साथ जुलूस पूरा हुआ। काजी-ए-शहर ने मुल्क की तरक्की, अमन चैन के लिए दुआ की। इस जुलूस में शहर की तमाम अंजुमनों ने हिस्सा लिया।
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उधर, बेनियाबाग मैदान में मौलाना अब्दुल हादी खान हबीबी की सदारत में जलसा हुआ। संचालन मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने किया। तकरीर में पैगंबर साहब के जीवन के बारे में बताया गया और उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलने की बात कही गई। शुक्रिया अबु जफर रिजवी ने अदा किया।
कई जगहों पर चले लंगर, बांटा गया तबर्रुक
ईद मिलादुन्नबी पर निकलने वाले पूर्वांचल के सबसे बड़े जुलूस जुलूस-ए-मोहम्मदी में वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। दालमंडी के समाजसेवी गुलाम अशरफ व शाहनवाज खान शानू की अगुवाई में नई सड़क लंगड़े हाफिज मस्जिद के नीचे मिल्लत कमेटी की जानिब से लंगर चलाया गया। यहां बबलू कुरैशी लोगों का स्वागत कर रहे थे। उधर, दालमंडी व्यापार मंडल की ओर से लंगरे मोहम्मदी का आयोजन नया चौक में किया गया था। ऐसे ही अर्दली बाजार में कई जगहों पर लंगर चलता रहा व लोगों में तबर्रुक तकसीम किया जा रहा था। तबर्रुक लेने सभी वर्गों के लोग उमड़े हुए थे। ऐसे ही अन्य इलाकों में भी जुलूस निकाला गया।
गुलजार रहीं महफिलें, रात भर हुआ नातिया कलाम
मुस्लिम इलाकों में पूरी रात नातिया कलाम और हमदो सना की महफिलें गुलजार रहीं। वरुणा पार के अर्दली बाजार में अंजुमन फैजाने नूरी की ओर से दो दिवसीय जलसा और नातिया मुशायरा मिल्लत की नजीर पेश करता नजर आया। यहां हिंदू मुस्लिम एक साथ कंधे से कंधा मिलाएं खड़े नजर आए। इसके पहले देर रात से रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, दालमंडी, नई सड़क, अर्दली बाजार आदि जगहों पर जगह-जगह लगे स्टेज पर अंजुमनों ने नातिया कलाम पेश किया।
नबी की शान में पेश किए गए नातिया कलाम में विजेता अंजुमनों को इनाम भी दिया गया। उधर, दावते इस्लामी हिंद इंडिया की ओर से पूरी रात इजतेमा का आयोजन किया गया। मिल्लत कमेटी का नातिया मुकाबला मिल्लत कमेटी कपड़ा मार्केट की ओर से नई सड़क में हुआ। इस दौरान राहत अली, मोहम्मद आजम, सरफराज खान, तनवीर खान, हबीबुल्लाह, फैज अली, फ़ज़ल बनारसी, हाजी अब्दुल हक, साजिद खान, इमदाद अली आदि मौजूद रहे।
ईद मिलादुन्नबी पर निकलने वाले पूर्वांचल के सबसे बड़े जुलूस जुलूस-ए-मोहम्मदी में वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। दालमंडी के समाजसेवी गुलाम अशरफ व शाहनवाज खान शानू की अगुवाई में नई सड़क लंगड़े हाफिज मस्जिद के नीचे मिल्लत कमेटी की जानिब से लंगर चलाया गया। यहां बबलू कुरैशी लोगों का स्वागत कर रहे थे। उधर, दालमंडी व्यापार मंडल की ओर से लंगरे मोहम्मदी का आयोजन नया चौक में किया गया था। ऐसे ही अर्दली बाजार में कई जगहों पर लंगर चलता रहा व लोगों में तबर्रुक तकसीम किया जा रहा था। तबर्रुक लेने सभी वर्गों के लोग उमड़े हुए थे। ऐसे ही अन्य इलाकों में भी जुलूस निकाला गया।
गुलजार रहीं महफिलें, रात भर हुआ नातिया कलाम
मुस्लिम इलाकों में पूरी रात नातिया कलाम और हमदो सना की महफिलें गुलजार रहीं। वरुणा पार के अर्दली बाजार में अंजुमन फैजाने नूरी की ओर से दो दिवसीय जलसा और नातिया मुशायरा मिल्लत की नजीर पेश करता नजर आया। यहां हिंदू मुस्लिम एक साथ कंधे से कंधा मिलाएं खड़े नजर आए। इसके पहले देर रात से रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, दालमंडी, नई सड़क, अर्दली बाजार आदि जगहों पर जगह-जगह लगे स्टेज पर अंजुमनों ने नातिया कलाम पेश किया।
नबी की शान में पेश किए गए नातिया कलाम में विजेता अंजुमनों को इनाम भी दिया गया। उधर, दावते इस्लामी हिंद इंडिया की ओर से पूरी रात इजतेमा का आयोजन किया गया। मिल्लत कमेटी का नातिया मुकाबला मिल्लत कमेटी कपड़ा मार्केट की ओर से नई सड़क में हुआ। इस दौरान राहत अली, मोहम्मद आजम, सरफराज खान, तनवीर खान, हबीबुल्लाह, फैज अली, फ़ज़ल बनारसी, हाजी अब्दुल हक, साजिद खान, इमदाद अली आदि मौजूद रहे।