वाराणसी: फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षकों से वसूले जाएंगे 1.48 करोड़, रिकवरी नोटिस जारी
वाराणसी जिले में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाली शिक्षिकाओं के खिलाफ सोमवार को एक करोड़ 48 लाख का रिकवरी नोटिस जारी कर दिया गया। इन फर्जी शिक्षकों को 1 महीने का समय दिया गया है, जिसके बाद ये रकम भुगतान न होने पर इनके खिलाफ आरसी जारी होगी।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा होने के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त हैं। 3 जुलाई को अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी बीएसए को भी फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने इस बारे में कहा कि फर्जी शिक्षिकाओं के खिलाफ सोनभद्र व बलरामपुर से भी जानकारी जुटाई जा रही थी, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को प्राप्त होने के बाद विभाग ने इनके खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
शिक्षकों का ब्लॉक वाइज सत्यापन शुरू
फर्जी डिग्री पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होना तय है। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त अध्यापकों की नए सिरे से जांच करा रहा है। अब जांच के दायरे में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी शामिल कर लिया गया है। इन शिक्षकों की जांच ब्लॉक वाइज कराई जा रही है।
इनके अभिलेखों के ब्लॉक वाइज सत्यापन होने के बाद जांच के लिए जिला स्तर पर बनी 3 सदस्य कमेटी इन सत्यापित अभिलेखों की जांच करेगी। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 से 2020 तक नियुक्त शिक्षकों के समस्त शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके अलावा सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से मानव संपदा पोर्टल पर 15 जुलाई तक अपना डाटा अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।