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विजयादशमी पर काशीराज परिवार का शाही अंदाज, हाथी पर सवार होकर निकले डॉ. अनंत नारायण सिंह

Tue, 20 Oct 2026 05:31 PM IST
किशन चौबे अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: किशन चौबे Updated Tue, 20 Oct 2026 05:31 PM IST
सार

विजयादशमी पर रामनगर में काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह का शाही विजय जुलूस निकला। मंगलवार शाम 4:40 बजे वह हाथी पर सवार होकर रामनगर दुर्ग से निकले। बनारस स्टेट के झंडे, घुड़सवारों और ताशा वादकों के साथ जुलूस लंका रामलीला मैदान पहुंचा। बटाऊबीर में शमी वृक्ष का पूजन कर कबूतर छोड़े गए। दुर्ग लौटने के बाद दरबार हॉल में पारंपरिक दरबार लगा, जहां मुसाहिबों ने उन्हें नजर पेश की।

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On Vijayadashami, Dr. Anant Narayan Singh of the Kashi royal family set out riding an elephant
विजयादशमी, काशीराज परिवार, डॉ. अनंत नारायण सिंह - फोटो : Samvad News Agency

विस्तार

विजयादशमी पर काशीराज परिवार की सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर शाही अंदाज में दिखाई दी। श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह का विजय जुलूस मंगलवार शाम रामनगर दुर्ग से निकला। राजसी वेशभूषा में हाथी पर सवार डॉ. सिंह के किले से बाहर निकलते ही ताशा वादकों ने धुन बजाई। दुर्ग के बाहर मौजूद लोगों ने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ उनका अभिवादन किया। करीब तीन किलोमीटर के रास्ते पर दोनों ओर खड़े लोग जुलूस का स्वागत करते रहे।

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डॉ. अनंत नारायण सिंह ठीक शाम 4:40 बजे हाथी पर सवार होकर दुर्ग से बाहर निकले। जुलूस में सबसे आगे बनारस स्टेट का झंडा लेकर दुर्ग के मुसाहिब चल रहे थे। उनके पीछे डंका वादक, घुड़सवार और घुड़सवार पुलिस का दल था। उनके बाद राजसी वेशभूषा में कुंवर हाथी पर सवार थे। उनके बाहर निकलते ही किले के ऊपरी बुर्ज पर खड़े ताशा वादकों ने ताशा बजाकर जुलूस की शुरुआत का संकेत दिया।

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शस्त्र पूजन के बाद कुलदेवी के दर्शन
इससे पहले मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे डॉ. अनंत नारायण सिंह रामनगर दुर्ग के झंडा गेट पर शस्त्र पूजन के लिए बैठे। उनके पहुंचते ही पीएसी के जवानों ने सलामी दी। दुर्ग के बैंड दल ने भी सलामी धुन बजाई। ब्राह्मणों ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन संपन्न कराया। पूजन के बाद डॉ. सिंह ने दुर्ग में स्थित मां काली और अपने कुल देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद शाही विजय जुलूस की तैयारियां पूरी की गईं।

बटाऊबीर में शमी पूजन
रामनगर दुर्ग से निकला विजय जुलूस निर्धारित मार्ग से लंका रामलीला मैदान की ओर बढ़ा। रास्ते में दोनों ओर खड़े लोगों ने डॉ. अनंत नारायण सिंह का अभिवादन किया। बटाऊबीर पहुंचकर उन्होंने शमी वृक्ष का पूजन किया और शांति के प्रतीक कबूतर छोड़े। इसके बाद शाही काफिला धीरे-धीरे लंका रामलीला मैदान पहुंचा। यहां डॉ. सिंह ने रणभूमि की परिक्रमा की और फिर रामनगर दुर्ग लौट आए।

दरबार हॉल में मुसाहिबों ने पेश की नजर 
दुर्ग लौटने के बाद दरबार हॉल में परंपरागत दरबार लगाया गया। इस दौरान दुर्ग के मुसाहिबों ने कुंवर को नजर पेश की। उन्होंने रुमाल में एक रुपये का सिक्का और पान का बीड़ा रखकर परंपरा के अनुसार भेंट किया। विजयादशमी पर निकले इस शाही जुलूस में काशीराज परिवार की राजसी परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक विरासत की झलक देखने को मिली।

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